
चंडीगढ़ : बेअदबी पंजाब में बहुत संवेदनशील मुद्दा है। यही कारण है कि सरकार इस बिल पर आगे बढ़ने से पहले सभी धार्मिक संगठनों की राय लेना चाहती है। इस बिल के जरिये सरकार धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त सजा का प्रावधान कर सकती है।
कैबिनेट में बेअदबी बिल को मंजूरी दे दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद बिल को विधानसभा में पेश किया गया। सीएम मान ने बेअदबी को लेकर बिल पेश किया।
पंजाब में बेअदबी करने वालों को सजा दिलाने के लिए अभी कोई सख्त कानून नहीं है।
इस कानून से धार्मिक ग्रंथों और स्थलों की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद मिलेगी। पंजाब में लंबे समय से बेअदबी कानून की मांग चली आ रही है। बेअदबी के मामलों में विशेष अदालतें गठित की जा सकेंगी। वहीं बेअदबी के दोषियों को पैरोल नहीं मिलेगा।
सदन की कार्यवाही शुरू
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स बिल सर्वसम्मति से पास हो गया है। सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई है। ध्यानाकर्षक प्रस्ताव पर मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब से वैसे पानी की मांग की जाती है, लेकिन जब बाढ़ जैसे हालात होते हैं तो राजस्थान और हरियाणा पानी लेने के लिए तैयार नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अब जब हिमाचल में बारिश अधिक हो रही है और सभी डैम में अधिक पानी आ रहा है तो हरियाणा ने 6100 क्यूसेक से अधिक पानी लेने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में पंजाब सरकार को पत्र लिखा गया है। राजस्थान सरकार की तरफ से भी उनका ऐसा ही एक पत्र लिखा गया है।
गोयल ने कहा कि सभी बांधों को पक्का किया गया है और नदियों की सफाई करवाई गई है। विधायन राणा इंदर प्रताप यह प्रस्ताव लेकर आए थे, जिस पर बाढ़ की रोकथाम को लेकर सरकार की तरफ से क्या इंतजाम किए गए हैं, उस संबंध में सरकार से जवाब मांगा गया था।


