ललितपुर
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विरोध में उतरी क्षत्रिय महासभा
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, श्रीराजपूत करनी सेना के संयुक्त तत्वाधान में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम भूपेंद्र यादव को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय देश की शैक्षणिक व्यवस्था में गम्भीर असंतुलन उत्पन्न करने वाला प्रतीत हो रहा है। यह निर्णय योग्यता परिश्रम तथा समान अवसर की संवैधानिक भावना के प्रतिकूल है, जिसके कारण शिक्षाविदों छात्रों एवं अभिवावकों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। यह विषय राष्ट्रीय मीडिया सामाजिक मंचों एवं जन चर्चा में उभरकर सामने आ रहा है। देशभर में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं शैक्षणिक संगठनों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है, जो यह दर्शाता हैं कि इस पर गहन अध्ययन कर उक्त पर पुनर्विचार अत्यंत आवश्यक है। हम सभी यह कहना चाह रहे हैं कि हमारा उद्देश्य किसी भी वर्ग समुदाय के लोगों के अधिकारों के विरुद्ध नहीं है। बल्कि न्याय संतुलन एवं योग्यता आधारित शिक्षा व्यवस्था के संरक्षण के लिए है। शिक्षानीति में किसी भी प्रकार का असंतुलन समाज में असहमति एवं वैमनस्यता को जन्म दे सकता है, जो राष्ट्रहित में नहीं है। प्रधानमंत्री से आग्रह है कि यूजीसी के इस विवादित निर्णय को वापिस लिया जाए। सभी संबंधित पक्षों एवं शिक्षाविदों से संवाद स्थापित कर पुनर्विचार किया जाए। शिक्षा व्यवस्था में योग्यता एवं समान अवसर की संवैधानिक भावना को पूर्णता सुरक्षित किया जाए। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके दूरगामी नेतृत्व में इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। तथा देश की शैक्षणिक समरसता तथा सामाजिक संतुलन बनाए जा सके। इस मुन्ना सिंह चौहान, बृजेंद्र सिंह परमार, भगवत सिंह बैंस, अजय प्रताप सिंह तोमर, धर्मेंद्र सिंह परमार, राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष सत्यप्रताप सिंह परमार, किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह, राजेंद्र सिंह राठौड़, पुष्पेंद्र सिंह परमार, अभिमन्यु सिंह बघेल, राजेंद्र सिंह परमार, भारत भूषण बुंदेला, ताहर सिंह परमार, शुभमसिंह सेंगर, नाती राजा, युवराज बुंदेला, महिपाल सिंह, अशोक परिहार, शैलेन्द्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह बुंदेला, भगत सिंह, डग्गी राजा, राघवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।



