बेतुल
बैतूल न्यायालय का निर्णय: चेक बाउंस केस में एक वर्ष की सजा व 1.98 लाख भुगतान का आदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जिला न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े एक महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरण में महिला परिवादी के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
अधिवक्ता भारत सेन ने बताया कि आपराधिक प्रकरण क्रमांक 541/2023 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने आरोपी धर्मदास यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाते हुए परिवादी रिजवाना खान को कुल 1 लाख 98 हजार 750 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
परिवादी रिजवाना खान निवासी किदवई वार्ड, गौठाना ब्यूटी पार्लर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनके पति जावेद खान ऑटो चालक हैं। पारिवारिक विश्वास के आधार पर उन्होंने आरोपी धर्मदास यादव निवासी गौठाना, बैतूल को 25 नवंबर 2022 को 50 हजार रुपये और 8 जून 2023 को 1 लाख 25 हजार रुपये उधार दिए। आरोपी ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक बैतूल का चेक क्रमांक 000012 दिनांक 10 जून 2023 जारी किया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण अनादरित हो गया। इसके बाद 17 जुलाई 2023 को रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए डिमांड नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
अदालत में परिवादी ने मूल चेक, बैंक रिटर्न मेमो, डिमांड नोटिस, डाक रसीद, प्राप्ति स्वीकृति और बैंक स्टेटमेंट जैसे ठोस दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिन्हें निर्णायक माना गया। आरोपी द्वारा यह तर्क दिया गया कि चेक केवल गारंटी के रूप में दिया गया था, लेकिन अदालत ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी के पक्ष में चेक को सुरक्षा के रूप में जारी किए जाने का तर्क रखा और साक्ष्यों पर प्रश्न उठाए, किंतु वे धारा 139 के वैधानिक अनुमान को खंडित करने में सफल नहीं हो सके।



