गाजियाबाद
श्रीराम कॉलोनी में फ़ज़ीलत-ए-क़ुरआन व दस्तारबंदी जलसा आयोजित
पाँच बच्चों को बनाया गया हाफ़िज़-ए-क़ुरआन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी इलाके की श्रीराम कॉलोनी, गली नंबर 20 स्थित मदरसा हमीदिया सौतुल क़ुरआन में फ़ज़ीलत-ए-क़ुरआन और जलसा-ए-दस्तारबंदी हुफ़्फ़ाज़-ए-किराम का भव्य और रूहानी कार्यक्रम बड़े ही अकीदत व एहतराम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम मदरसे के संस्थापक व मोहतमिम क़ारी मोहम्मद मुक़ीमुद्दीन नदवी की सरपरस्ती में सम्पन्न हुआ।
इस मौके पर बड़ी संख्या में उलेमा-ए-किराम, दीनी रहनुमा, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जलसे की सदारत मौलाना मोहम्मद शमीम कासमी (इमाम, मदीना मस्जिद व ईदगाह जाफराबाद) ने की, जबकि निज़ामत मुफ़्ती मोहम्मद मुजम्मिल हुसैन कासमी ने संभाली। कार्यक्रम की शुरुआत क़ारी इनायतुर्रहमान मेरठी की तिलावत-ए-क़ुरआन से हुई।
मुख्य अतिथि के तौर पर मौलाना अब्दुल मलिक फारूखी कासमी और मौलाना मोहम्मद मुस्लिम कासमी (सदर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद दिल्ली) मौजूद रहे। इसके अलावा मौलाना शमीम कासमी, मौलाना मोहम्मद जावेद सिद्दीकी, मुफ़्ती मोहम्मद खालिद मेरठ, मुफ़्ती अब्दुल्लाह, मौलाना सालिम, मौलाना मोहम्मद यामीन नदवी समेत कई गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की।
सामाजिक क्षेत्र से नफ़ीस सलमानी, पूर्व पार्षद हाजी आस मोहम्मद, निगम पार्षद आमिल मलिक और वलीम भैया सहित अन्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जलसे में नातिया कलाम क़ारी खुशदिल कासमी और शायर सरफराज़ पारवी ने पेश किया, जबकि मुफ़्ती मोहम्मद खालिद मेरठ ने ख़ुसूसी ख़िताब किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पाँच नन्हे बच्चों की दस्तारबंदी रही, जिन्होंने मुकम्मल क़ुरआन-ए-करीम हिफ़्ज़ करने की सआदत हासिल की। उलेमा ने बच्चों के सिर पर दस्तार बाँधकर उनके लिए दुआएं कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही मेधावी छात्रों और सहयोगियों को इनाम देकर सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में उलेमा-ए-किराम ने क़ुरआन-ए-करीम की अहमियत, उसकी तालीमात पर अमल और नई पीढ़ी की दीनी तरबियत पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम के अंत में मुल्क और उम्मत की खुशहाली की दुआ की गई। आयोजन को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों का सराहनीय सहयोग रहा। आयोजकों ने सभी मेहमानों और सहयोगकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया।

