बागपत
सूरज कुमार राय की सख्त चेतावनी
नाबालिग वाहन चलाते मिले तो परिजनों पर मुकदमा, रात 10 बजे के बाद डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। आगामी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को देखते हुए बागपत पुलिस कप्तान सूरज कुमार राय ने जनपदवासियों से विशेष अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार का मोटर वाहन चलाने की कानूनी अनुमति नहीं है। इसके बावजूद यदि परिजन उन्हें दोपहिया या अन्य वाहन देते हैं और कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित अभिभावकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा काल में विशेष सतर्कता
एसपी ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों तक वाहन से आते-जाते हैं। अधिकतर छात्र 18 वर्ष से कम आयु के होते हैं और उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता।
उन्होंने कहा:
“नाबालिग द्वारा वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामी यानी अभिभावक पर प्राथमिकी दर्ज होगी।”
क्या कहता है कानून?
मोटर वाहन अधिनियम 1988 (संशोधित 2019) के अनुसार:
18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति मोटरसाइकिल/कार नहीं चला सकता।
50 सीसी तक के वाहन के लिए भी न्यूनतम आयु 16 वर्ष (विशेष अनुमति सहित) है।
नाबालिग के वाहन चलाने पर:
₹25,000 तक का जुर्माना
3 वर्ष तक की सजा का प्रावधान
वाहन का पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है
अभिभावक/वाहन स्वामी जिम्मेदार माना जाएगा
एसपी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कानून का पालन करें।
दुर्घटनाओं के बढ़ते मामले चिंता का विषय
पुलिस के अनुसार, परीक्षा काल में जल्दबाजी, बिना हेलमेट ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई मामलों में नाबालिग चालक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
एसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
रात 10 बजे के बाद डीजे पूर्ण प्रतिबंधित
पुलिस कप्तान ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि शादी समारोह या अन्य आयोजनों में रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट और प्रशासनिक निर्देश रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर/डीजे पर प्रतिबंध ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने पर: उपकरण जब्त आयोजक पर मुकदमा जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई
एसपी ने स्पष्ट कहा:
“कानून से ऊपर कोई नहीं है। सामाजिक कार्यक्रमों में भी नियमों का पालन अनिवार्य है।”
अभिभावकों और आयोजकों से अपील
बच्चों को परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें।
स्वयं वाहन चलाकर छोड़ें या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
शादी/कार्यक्रम में डीजे की अनुमति समय सीमा के भीतर ही लें।
प्रशासन के निर्देशों का पालन कर सहयोग करें।
बागपत पुलिस की यह सख्ती जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। परीक्षा काल में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण भी समाज की जिम्मेदारी है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई की जाएगी।



