ललितपुर

विश्व जल दिवस पर मानव ऑर्गेनाइजेशन का बड़ा संकल्प

शिव की जटाएं प्रोजेक्ट के जरिए थमेगी पानी की बर्बादी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। विश्व जल दिवस पर सामाजिक संस्था मानव ऑर्गेनाइजेशन ने जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए अपने नए प्रोजेक्ट शिव की जटाएं की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी भीषण गर्मियों के दौरान गिरते भू-जल स्तर को रोकना और आम जनमानस को पानी की हर बूंद की कीमत समझाना है। इस अभियान में प्रमुख भूमिका डा.राजीव निरंजन, पर्यावरणविद् पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, एड.स्वतंत्र व्यास, रविन्द्र घोष, रामबाबू चौबे, बलराम कुशवाहा, अमित लखेरा, अमित सैनी, संजय बुढ़वार, लाखन शर्मा, नासिर खान, गौरव जैन, विकास झा, आकाश झा, शशिकांत लोधी, मुकेश राजपूत, हरप्रसाद चौरसिया, रोहित कुशवाहा सहित कई सदस्य सहयोग करेंगे। इस अभियान ने क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाई है। अब देखना यह होगा कि ची ची ग्रुप और संस्था के संयुक्त प्रयास गर्मियों में जल संकट से जूझते इलाकों के लिए कितने मददगार साबित होते हैं।
शिव की जटाएं, प्रकृति और आस्था का संगम
प्रोजेक्ट का नाम शिव की जटाएं रखने के पीछे गहरा अर्थ छिपा है। जिस प्रकार भगवान शिव की जटाओं ने गंगा के वेग को संभालकर धरती की रक्षा की थी, उसी प्रकार यह प्रोजेक्ट वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण के माध्यम से धरती की जटाओं यानी हरियाली को पुनर्जीवित करने पर केन्द्रित है।
ची ची ग्रुप बनेगा जागरूकता की आवाज
आज आयोजित विशेष बैठक में संस्था के सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की है। अभियान की सफलता के लिए ची ची ग्रुप के सदस्यों को मुख्य भूमिका सौंपी गई है। ग्रुप सदस्य जमीनी स्तर पर जाकर लोगों को जल संचयन की पारंपरिक और आधुनिक विधियों के बारे में शिक्षित करेंगे। सोशल मीडिया और मोहल्ला सभाओं के माध्यम से यह ग्रुप वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट (अपशिष्ट जल प्रबंधन) के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।विश्व जल दिवस पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से प्रण लिया कि वे न केवल स्वयं पानी बचाएंगे, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ेंगे।
गर्मिंयों के लिए विशेष कार्ययोजना
मानव ऑर्गेनाइजेशन के उपाध्यक्ष ऋषि हीरानंदानी ने बताया कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही इस प्रोजेक्ट के तहत सूखते जलाशयों का जीर्णोद्धार, पुराने कुओं और तालाबों की सफाई। घरों में आरो से निकलने वाले फालतू पानी को पौधों या सफाई में इस्तेमाल करने की तकनीक बताना। स्कूली बच्चों का प्रशिक्षण, युवाओं को जल प्रहरी के रूप में तैयार करना। संस्था सदस्य सचिन जैन कहते हैं कि जल ही भविष्य है, और यदि हम आज नहीं चेते तो आने वाली पीढय़िां प्यासी रहेंगी। शिव की जटाएं प्रोजेक्ट केवल एक अभियान नहीं, बल्कि धरती के प्रति हमारा ऋण चुकाने का एक प्रयास है।
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