गोड्डा

जिला स्तरीय प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त अंजली यादव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु किया गया। बैठक में झारखण्ड राज्य प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत सरकारी सहायता/अनुदान प्राप्त विद्यालयों—जिनमें गैर सरकारी अल्पसंख्यक (सामान्य सहायता प्राप्त सहित) प्रारंभिक विद्यालय, गैर सरकारी अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय, अराजकीय प्रस्वीकृत मदरसे एवं संस्कृत विद्यालय शामिल हैं—में कक्षा 01 से 08 तक अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान करने की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उल्लेखनीय है कि योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापकों को संस्थान नोडल पदाधिकारी (INO) नामित करते हुए उन्हें लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराया गया था। INO द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अपने-अपने विद्यालयों के पात्र छात्र-छात्राओं का आधार सत्यापन करते हुए ई-कल्याण पोर्टल पर छात्रवृत्ति आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि एवं सत्यापन किया गया।
अद्यतन आंकड़ों के अनुसार ई-कल्याण पोर्टल पर कुल 1,86,965 आवेदनों की प्रविष्टि की गई, जिनमें से 1,84,188 आवेदनों का सत्यापन INO स्तर पर किया गया। इनमें से 1,84,187 आवेदनों का सत्यापन जिला नोडल पदाधिकारी (DNO) स्तर से भी पूर्ण कर लिया गया है।
बैठक में DNO स्तर से सत्यापित आवेदनों में से पूर्व में स्वीकृत 1,57,508 मामलों के अतिरिक्त शेष 1,709 मामलों को समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा ई-कल्याण पोर्टल पर प्रविष्ट आंकड़ों के आधार पर प्रस्तुत सूची की वैधता पर संतोष व्यक्त किया गया। तदोपरांत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति मद में उपलब्ध आवंटन तथा कक्षावार एवं श्रेणीवार निर्धारित छात्रवृत्ति दर के अनुरूप पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति भुगतान की स्वीकृति प्रदान करने की अनुशंसा की गई। बैठक में उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि स्वीकृत छात्रवृत्ति राशि का भुगतान PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से यथाशीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि छात्रवृत्ति योजना समाज के वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने तथा उनके शैक्षणिक विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखें। बैठक में उपविकास आयुक्त दीपक कुमार दूबे, जिला कल्याण पदाधिकारी सुधीर प्रसाद सिंह, सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारीग आदि  उपस्थित थे।
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