जामताड़ा

संगीत जगत की अपूरणीय क्षति, गुरु बसंत शर्मा जी का निधन

An irreparable loss to the world of music: Guru Basant Sharma passes away

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
जामताड़ा। जिले के करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र में ​आज भारतीय संगीत जगत के लिए एक अत्यंत दुखद और शोकपूर्ण दिन है। संगीत कला निकेतन के स्तंभ और सुप्रसिद्ध संगीत आचार्य गुरु बसंत शर्मा जी का कोलकाता के एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही संगीत प्रेमियों, उनके शिष्यों और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। ​गुरु बसंत शर्मा जी केवल एक संगीतज्ञ नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसे समर्पित गुरु थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन संगीत की साधना और उसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में समर्पित कर दिया। उन्हें संगीत के क्षेत्र में ‘गुरुजी’ के नाम से संबोधित किया जाना ही उनके सम्मान और उनके प्रति शिष्यों की श्रद्धा का परिचायक है। उन्होंने न जाने कितने ही ऐसे कलाकारों को अपनी उंगली पकड़कर संगीत की एबीसीडी सिखाई और उन्हें तराशकर मंच के काबिल बनाया, जो आज देश-विदेश में अपनी कला का परचम लहरा रहे हैं। ​उनका पढ़ाने का तरीका बेहद सहज, सरल और गहराई से भरा हुआ था। वे अपने शिष्यों को केवल सुर और ताल का ज्ञान ही नहीं देते थे, बल्कि संगीत के प्रति समर्पण और अनुशासन की शिक्षा भी देते थे। उनके सिखाए हुए कलाकार आज उनके बताए मार्ग पर चलकर संगीत की सेवा कर रहे हैं। उनका जाना संगीत शिक्षा के एक पूरे अध्याय के समाप्त हो जाने जैसा है। ​ईश्वर से हमारी यही प्रार्थना है कि वे उनकी पुनीत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और उन्हें शांति प्रदान करें। साथ ही, वे इस कठिन और दुख की घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार को धैर्य और संबल प्रदान करने की शक्ति दें। गुरुजी के जाने से भले ही संगीत कला निकेतन और उनके शिष्य अनाथ हो गए हों, लेकिन उनके द्वारा सिखाया गया संगीत और उनके संस्कार सदैव उनके शिष्यों के माध्यम से जीवित रहेंगे।

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