बरेली

अर्थव्यवस्था और उसके प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार पर बोला हमला          

सांसद के सवालों पर सरकार ने स्वीकारा 9% अवमूल्यन, RBI ने बाजार में झोंके 50.8 अरब डॉलर

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : लोकसभा में आंवला (बरेली) से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने रुपये की लगातार गिरावट और अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो महत्वपूर्ण सवाल उठाए—पिछले एक साल में डॉलर के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन ने विदेशी मुद्रा भंडार पर कितना दबाव डाला है, और पेट्रोलियम आयात बिल पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ा है। इन सवालों ने संसद में अर्थनीति पर गहन चर्चा छेड़ दी।
सरकार का जवाब
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर में स्वीकार किया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रुपये में 9.0 प्रतिशत का भारी अवमूल्यन दर्ज किया गया। रुपये को स्थिर रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक बाजार में 50.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की बिक्री करनी पड़ी। सांसद मौर्य के हस्तक्षेप से साफ हुआ कि विदेशी मुद्रा भंडार में दिख रही वृद्धि केंद्रीय बैंक की भारी मशक्कत का नतीजा है, वरना हालात और बिगड़ सकते थे।
पेट्रोलियम आयात बिल के प्रभाव पर मंत्रालय ने कहा कि रुपये की कमजोरी से आयात लागत बढ़ने का असर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोई ठोस आंकड़े पेश नहीं किए, जिससे नीतिगत पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट आयातित महंगाई को बढ़ावा दे रही है।
सांसद नीरज मौर्य की आलोचना
सांसद नीरज मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के नारे के विपरीत चालू खाता घाटा और आयात बिल अनियंत्रित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार के पास गैर-आवश्यक आयात रोकने या ‘आयातित मुद्रास्फीति’ पर नियंत्रण का कोई ठोस राजकोषीय ब्लूप्रिंट नहीं। केवल पारंपरिक निर्यात प्रोत्साहन और डिजिटल बुनियादी ढांचे की बातें कर पल्ला झाड़ लिया।” उन्होंने स्पष्ट रणनीति की मांग की
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