बालाघाट
ऑपरेशन FACE के तहत फर्जी सिम नेटवर्क का भाण्डाफोड़
450 फर्जी सिम, नेटवर्क ध्वस्त तीन आरोपी धराए

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : ऑपरेशन FACE के अंतर्गत बालाघाट पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली में फर्जी तरीके से मोबाइल सिम कार्ड जारी करने के संबंध में 03 अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं। भारत सरकार के Department of Telecommunications (DOT) के AI आधारित फेस एनालिसिस टूल के माध्यम से प्रकाश में आया, जिसमें यह पाया गया कि एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम एवं पते पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड सक्रिय किए गए हैं।
बालाघाट जिले में कुल 450 संदिग्ध सिम कार्ड अलग अलग 05 यूनिक फेस पर जारी होना पाया गया। जिसकी विधिवत् जांच हेतु पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर आदर्शकांत शुक्ला के नेत्रत्व मे SIT गठित की गई है, गठित SIT एवं साइबर सेल की टीम द्वारा प्रत्येक सिम कार्ड का पृथक-पृथक परीक्षण किया गया। जांच मे ज्ञात हुआ कि ये फर्जी सिम का नेटवर्क कई जिलों में सक्रिय है तथा इसके लिंक मंडला, डिंडोरी, भोपाल एवं उत्तरप्रदेश से जुड़े पाए गए हैं, जिनकी पहचान कर इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
अपराध का तरीका
आरोपियों से पूछताछ एवं जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपीगण वर्ष 2019 से 2022 के बीच बालाघाट जिले में अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल सिम विक्रय, एक्टिवेशन, पोर्टिंग एवं रिपेयरिंग का कार्य करते थे। अधिक कमीशन प्राप्त करने एवं बिना दस्तावेज वाले ग्राहकों को सिम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोपीगण द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया जाता था l
अन्य व्यक्तियों के पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी आदि) की फोटोकॉपी एकत्र कर उनका बार-बार उपयोग किया जाता था।
उपलब्ध पहचान पत्रों में कूटरचना/एडिटिंग कर फोटो एवं विवरण में बदलाव किया जाता था।
सिम एक्टिवेशन हेतु आवश्यक CAF में वास्तविक ग्राहक के स्थान पर आरोपी अपनी ही लाइव फोटो अपलोड करते थे।
OTP सत्यापन के लिए आरोपी अपने या अन्य मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे।
दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के नाम के होते थे, जबकि फोटो और OTP आरोपी का होता था।
इस प्रकार आरोपीगण द्वारा प्रतिरूपण, कूटरचना एवं डिजिटल KYC प्रक्रिया में हेरफेर कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिव किए गए l
विवरणः
प्रकरण में संलिप्त POS एजेंटों/विक्रेताओं की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। अभी तक पंजीबद्ध 03 प्रकरणों मे 19 आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर, उनमें कूटरचना/एडिटिंग करते हुए अपनी फोटो लगाकर तथा स्वयं की लाइव फोटो एवं मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन कर फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिव किए गए, जिससे धोखाधड़ी एवं प्रतिरूपण किया जाना पाया गया।
प्रकरण में गिरफ्तार मुख्य आरोपीगण:-
1. महेन्द्र उर्फ संतोष पटले, पिता छतरलाल पटले, उम्र 38 वर्ष, निवासी नियारपाठ थाना बैहर
2. प्रियंका पटले, पति महेन्द्र पटले, उम्र 33 वर्ष, निवासी सियारपाठ थाना बैहर
3. खुमैश गौतम, पिता रविन्द्र गौतम, उम्र 29 वर्ष, निवासी भौरवाही थाना परसवाड़ा
आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
आम जन से अपीलः-
बालाघाट पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने पहचान पत्र किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें तथा सिम जारी करते समय स्वयं उपस्थित रहकर पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करें। नागरिक अपने नाम पर जारी सिम की जानकारी भी स्वयं संचार साथी बेवसाइट से जांच सकते हैं-यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या फर्जी सिम जारी होने की जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, जिससे समय रहते उचित कार्यवाही की जा सके।
उल्लेखनीय भूमिका:-
आपरेशन फेस मे कार्यवाही हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला (भा.पु.से.) के नेत्रत्व मे गठित एसआईटी साइबर सेल प्रभारी उनि कमलेश यादव, आर. प्रदीप पुट्टे, आर अजय नामदेव, आर. दीपक कावरें, थाना प्रभारी बैहर निरी जयंत मर्सकोले, थाना प्रभारी परसवाडा मदन इवने की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



