सिंगरौली

ब्लास्टिंग एरिया में पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति पर सवाल 

गडरिया पेट्रोल पंप का मामला, राज स्टोन सहित चल रहीं कई औद्योगिक इकाई 

पेट्रोल पंप की जमीन भी जांच के दायरे में, उच्च स्तरीय जांच की मांग आसपास की कई हेक्टेयर शासकीय भूमि भी माफियाओं के कब्जे में 
कई जमीनों में तहसील कार्यालय से हुआ है बेदखली आदेश 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
सिंगरौली : सिंगरौली जिले के बरगवां तहसील अंतर्गत ग्राम गडरिया व डगा की चर्चित विवादित शासकीय भूमि में राजस्व विभाग द्वारा बेदखली आदेश जारी करने के बाद अभी तक अतिक्रमण मुक्त की कार्यवाही में विलंब जरूर हो रहा है लेकिन अब गडरिया के पेट्रोल पंप का संचालन व पेट्रोल पंप की जमीन भी इस विवाद में प्रभावित होती नजर आ रही है बताया जाता है कि भू माफिया द्वारा राजस्व विभाग को गुमराह करते हुए गडरिया की जो आराजी नंबर 8 शासकीय भूमि है उसे 2157 नंबर की जमीन बताई जा रही है यदि वह जमीन 2157 होगी तो निश्चित रूप से गडरिया पेट्रोल पंप की 33 नंबर की जमीन शासकीय जमीन में प्रभावित हो सकती है इसके अलावा भी पेट्रोल पंप के चारों तरफ ब्लास्टिंग एरिया है राज स्टोन क्रेशर तो ठीक बगल में संचालित है स्टोन क्रेशर की माइंस भी करीब में है जहां लगभग प्रतिदिन ब्लास्टिंग होती है और ब्लास्टिंग से पेट्रोल पंप भी दहल उठता है ब्लास्टिंग से बड़े-बड़े पत्थर उछलकर पेट्रोल पंप के आसपास गिरना स्वाभाविक है ऐसे में सुरक्षा की दृष्टिकोण से बहुत ही जोखिम भरा क्षेत्र है उस क्षेत्र में पेट्रोल पंप का संचालन करने की अनुमति कैसे दे दी गई यह बहुत बड़ा सवाल है आसपास के लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इस ब्लास्टिंग व संवेदनशील एरिया में जिस तरह से पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति दी गई है यह बहुत बड़ा सवाल है, फिलहाल आसपास के बस्ती वाले भी हर समय खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं इस संवेदनशील एरिया में पेट्रोल पंप का संचालन करने की अनुमति मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण भयभीत हैं और इस जोखिम भरे क्षेत्र में पेट्रोल पंप का संचालन कराने का जिम्मेदार कौन है यह जांच का विषय है कुल मिलाकर डगा व गडरिया की कई शासकीय जमीन में राजस्व विभाग ने बेदखली आदेश पारित किया है हालांकि अभी आदेश का पालन नहीं हो सका है लेकिन किसी भी समय बुलडोजर की आहट उस क्षेत्र में पहुंच सकती है ऐसे में शासकीय जमीन में हुए अतिक्रमण को मुक्त करने के साथ-साथ पेट्रोल पंप के संचालन की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग भी शुरू कर दिए हैं
कई शासकीय जमीनों पर गिद्ध नजर
बताया जाता है कि भू माफिया ने आसपास की गडरिया वह डगा की कई हेक्टेयर शासकीय जमीन में बहुत बड़ा खेल किया गया है पूर्व में कुछ लोगों को डगा की आराजी नंबर 2130 की भूमि दिखाकर आराजी नंबर 2131 व 2123 की जमीन धोखे से रजिस्ट्री करा दिया था जब मामले का खुलासा हुआ तो क्रेतागण विक्रेता पर दबाव बनाने लगे तो भू माफिया एक बार फिर तीसरी पार्टी को वही शासकीय जमीन दिखाकर बिक्री करने के फिराक में है इसके लिए पूरी साजिश रची जा चुकी है बताया जाता है कि भू माफिया द्वारा दूसरे प्रांत के लोगों को जमीन का लालच देकर सिंगरौली बुलाया जाता है और शासकीय जमीन दिखाकर दूसरे जगह की पट्टे की जमीन बिक्री की जाती भूमिया के चंगुल में अभी तक कई लोग फंस चुके हैं
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