जालौन
तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
कुठौंद, रामपुरा, माधौगढ़ विकासखंड के कई गांवों में ओलावृष्टि से फसलें जमीन पर बिछी

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
रामपुरा (जालौन)। शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। करीब 4 बजे तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने से क्षेत्र की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी के चलते रामपुरा विकासखंड के साथ ही कुठौंद विकासखंड के कई गांवों में आंधी आने के साथ ओलावृष्टि होने की जानकारी मिली है।
विकासखंड रामपुरा क्षेत्र में लगभग आधे घंटे तक चली तेज आंधी और ओलावृष्टि के चलते गेहूं सहित अन्य फसलें खेतों में बिछ गईं। कई स्थानों पर पहले से कटी और रखी गेहूं की फसल भी भीगने से खराब होने की आशंका जताई जा रही है। नगर पंचायत ऊमरी के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह उर्फ बब्बू भदौरिया के अनुसार ऊमरी नगर व आसपास के कृषि क्षेत्रोंकृफतेहपुरा खुर्द, पतियापुर, सोनेपुरा, मजीठ, लोधीपुरा, खैरई, फतेहपुरा कला, कान्हापुरा, मंगरौल, निवी और बोनेपुरा में फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। ग्राम पतराही के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि पतराही, बहादुरपुर, मकटौरा और कंझारी क्षेत्र में 30 से 50 ग्राम तक वजन वाले ओले गिरे, जिससे फसलों को काफी क्षति हुई है। वहीं नगर क्षेत्र के भारत लाल, राजेंद्र त्रिपाठी और हलदर त्रिपाठी के अनुसार नावर, गुपलापुर, लोधीपुरा और बाबूपुरा गांवों में भी नुकसान दर्ज किया गया है। ग्राम टीहर निवासी रविंद्र दीक्षित ने बताया कि उनके क्षेत्र में ओले मटर के दाने से बड़े थे, जिससे लगभग 15 प्रतिशत तक फसल प्रभावित हुई है। वहीं रामपुरा व नदिया पार के सिद्धपुरा, नरौल, हनुमंतपुरा और जगम्मनपुर (पंचनद क्षेत्र) में तेज हवा के कारण फसलें गिर गई हैं, जहां 10 से 15 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। इसीक्रम में माधौगढ़ विकासखंड के ग्राम असहना, मींगनी, सहित कई गांवों में भी अचानक आए इस मौसम बदलाव से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।



