सिंगरौली
पटवारी को हटाने की शिकायत की तो शिकायतकर्ता को भेज दी बेदखली कि नोटिस
वरगवां तहसील के डगा गांव का मामला

शासकीय भूमि में हुए रसूखदारों के अतिक्रमण पर नहीं कर रहे कार्यवाही
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली : जिले के वरगवां तहसील अंतर्गत ग्राम डगा में पूरी तरह से अफसरशाही कायम है क्योंकि लंबे अरसे से शासकीय भूमि में बड़े बड़े रसूखदारों ने अतिक्रमण कर रखा है सरकारी जमीन दिखाकर दूसरे जगह की जमीन बिक्री की जा रही है इस पर पटवारी ने अब तक कोई गंभीर कदम नहीं उठाया जबकि एक गरीब को आनन फानन बेदखली की नोटिस भेज दिया गया जबकि गरीब का जुर्म सिर्फ इतना था उसने पटवारी अनिल सिंह को हटाकर किसी दूसरे पटवारी को पदस्थ करने संबंधित एक आवेदन दिया था साथ सी एम हेल्प लाइन में शिकायत भी दर्ज कराई थी आवेदन देते हुए अधिकारियों से बताया गया था कि शासकीय भूमी में हुए अतिक्रमण की जांच एवं कार्यवाही संबंधित पटवारी द्वारा प्रभावित की जाती है
शिकायत बंद करने का बनाया था दबाव
शिकायतकर्ता शिवेंद्र कुमार वैश ने बताया कि पटवारी द्वारा कई बार सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत को बंद करवाने के लिए दबाव बनाया था लेकिन निराकरण ना होने की स्थिति में उसने शिकायत बंद नहीं कराया तभी अगले दिन शिकायतकर्ता को बेदखली की नोटिस थमा दी गई
रसूखदारों के अतिक्रमण पर नहीं पड़ रही पटवारी की नजर
डगा गांव में पटवारी के खिलाफ इसलिए शिकायत की गई थी क्योंकि शिकायतकर्ता का मानना था कि शासकीय भूमि में कुछ रसूखदार लोग लगातार अतिक्रमण करते जा रहे हैं और जब भी जांच शुरू होती है तो पटवारी द्वारा प्रभावित कर दिया जाता है ऐसे में कुछ समय के लिए पटवारी को उस गांव से हटाकर यदि जांच हो तो निश्चित रूप से शासन की कई हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण मुक्त हो जाएगी इसी शिकायत से पटवारी खफा हो गए और शिकायतकर्ता को ही नोटिस भेज दिए जबकि बताया जाता है कि उक्त पटवारी कई वर्षों से उस गांव में पदस्थ हैं लेकिन अभी तक वे उक्त गरीब को कोई नोटिस नहीं दिए थे लेकिन जब गरीब ने पटवारी के खिलाफ शिकायत किया तब पटवारी को उस गरीब का अतिक्रमण नजर आ गया हालांकि बताया जाता है कि गरीब ने कोई अतिक्रमण नहीं किया है हो सकता है कुछ अंश भाग शासकीय भूमि में खेती-बाड़ी किया हो वो जांच का विषय है इधर बड़े-बड़े रसूखदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण नहीं दिख रहा है जो कई हेक्टेयर शासकीय भूमि में बाउंड्री तान दी गई है पक्का मकान बना लिए हैं और वही जमीन दिखाकर अपनी निजी दूसरे जगह की जमीन बिक्री भी कर दिए हैं इन बड़े लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने पटवारी कोई गंभीर कदम नहीं उठा रहे हैं



