
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र के गांव मंगलोरा में यमुना किनारे रेत खनन के लिए ठोकरें तोड़कर रास्ता बनाए जाने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को हुई बड़ी पंचायत में प्रशासन से ठोकरों की मरम्मत कराने और खनन मार्ग बंद कराने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
करीब 20 दिन पहले गांव नाइनगला जाटान में रेत खनन का पट्टा हुआ है। इस पट्टे तक पहुंचने के लिए ठेकेदार द्वारा यमुना नदी के किनारे-किनारे मंगलोरा के पास से रास्ता निकाला जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बनाने के लिए गांव के सामने बनी ठोकरों (बांध सुरक्षा संरचना) को तोड़ा जा रहा है, जिससे बाढ़ के समय खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी ठेकेदार द्वारा ठोकरें तोड़ने का प्रयास किया गया था, जिस पर विरोध जताते हुए मशीनों को मौके से भगा दिया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि रात के समय दोबारा रास्ता बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया।
इसी को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे खादर खाप के चौधरी अनिल कुमार के आवास पर पंचायत आयोजित हुई। पंचायत में खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक, बाबा श्याम सिंह, मैनपाल ऊदपुर, रोहतास, कुलदीप, बबलू, शोकिन्दर, लोकिंदर, देवीलाल, ईश्वर सिंह, बिरेंद्र सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रशासन तत्काल टूटी ठोकरों की मरम्मत कराए और खनन के लिए बनाए जा रहे रास्ते को बंद करे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
