पूर्वाशा हिंदी अकादमी, जोरहाट का नवम स्थापना दिवस
51 साहित्यकार को “पूर्वाशा साहित्य गौरव सम्मान ” से अलंकृत

विश्वनाथ के हिंदी सेवी संतोष कुमार महतो, मनीषा पाल, सैयदा आनोवारा खातुन और मौसम कुमारी राय सम्मानित
कार्यक्रम में पूर्वाशा पत्रिका के नवम अंक , साझा संकलन ‘कही अनकही’ और साहित्यकार रूनू बरूवा की नवीनतम पुस्तक ‘क्षण में क्षणिका’ का हुआ विमोचन
विश्वनाथ : पूर्वाशा हिंदी अकादमी, जोरहाट का नवम स्थापना दिवस दिनांक 12/4/26 को होटल क्लबवे ग्रैंड में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जेबी यूनिवर्सिटी के डीन डा. सुरोजित शर्मा जी, विशिष्ट अतिथि ओएनजीसी के आदरणीय संत जी, अकादमी की संस्थापक अध्यक्ष रूनू बरुवा जी, संस्थापक सचिव जयश्री शर्मा और संस्थापक कोषाध्यक्ष जिमी मोदी के आसन ग्रहण करने के साथ हुआ जिन्हें अकादमी के नवीनतम आजीवन सदस्य आयुष्मान बरुवा द्वारा मंच पर आमंत्रित किया गया।दीप प्रज्वलन के पश्चात् वंदना मिश्रा द्वारा गणेश वंदना तथा ज्योमी बरुवा हजारिका द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सभी उपस्थित सदस्यों व अतिथियों द्वारा स्वयं का परिचय देने के पश्चात् अध्यक्ष रूनू बरूवा जी ने सभी उपस्थित विद्वतजनों का स्वागत करते हुए अपने स्वागत भाषण में अकादमी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए भविष्य की परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी, जिसमें पूरे राज्य स्तर पर हिंदीतर भाषी छात्रों के बीच बाल साहित्य प्रतियोगिता कराने का निर्णय प्रमुख है। हमारे वरिष्ठ संरक्षक एनसी करनानी जी और श्रीप्रकाश बरूवा जी ने सभा को संबोधित करते हुए अकादमी के कार्यों की सराहना की।तत्पश्चात जोरहाट के बाहर से आए हुए अतिथियों को फुलाम गामोछा पहना कर उनका सम्मान किया गया। उज्जैन के चुन्नीलाल परमार जी, विश्वनाथ चारिआलि के हिंदी सेवी संतोष कुमार महतो जी, सैयदा आनोवारा खातून जी, मनीषा पाल एवं मौसम कुमारी राय जी तथा सिलचर की डोली शाह जी, तिनसुकिया की सुधा केजरीवाल जी और ओएनजीसी से अवकाश प्राप्त जयाश्री सैकिया जी ने पूर्वाशा अकादमी को बधाई देते हुए अपने-अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये।इसके पश्चात् सचिव जयश्री शर्मा द्वारा सचिव की रिपोर्ट तथा कोषाध्यक्ष जिमी मोदी द्वारा गत वर्ष के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।नीलाक्षी जी द्वारा विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत करने के पश्चात् विशिष्ट अतिथि संत जी द्वारा सभा को संबोधित किया गया। उन्होंने अकादमी के कार्यों की सराहना करते हुए पदाधिकारियों की तपस्या की सराहना की और सभी सदस्यों को सहयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा हिंदी भाषा जिस तरह लिखी जाती है इस तरह बोली भी जाती है जैसे केमेस्ट्री चेमेस्ट्री नहीं होती। यह हमारी धरोहर है और सभी लोगों को जोड़ने वाली कड़ी का काम करती है।प्रेम गुप्ता जी द्वारा मुख्य अतिथि का परिचय पढ़ने के पश्चात् मुख्य अतिथि डा॰ सुरोजीत शर्मा जी ने अपने संबोधन में अकादमी को बधाई देते हुए कहा कि विभिन्न भाषाओं, लोगों व संस्कृतियों के बीच हिंदी भाषा सेतु का कार्य करती है। तत्पश्चात् पूर्वाशा की विभिन्न शाखोंओं को सम्मान पत्र तथा उत्तम कार्य हेतु मेमोंटो प्रदान किये गये।प्रथम स्थान -जोरहाट शाखा,द्वितीय स्थान – तिनसुकिया शाखा ,तृतीय स्थान – शिवसागर शाखा को प्रदान किया गया।अकादमी के सदस्यों की रचनाओं से सुसज्जित दूसरे साझा संकलन ‘कही अनकही’ के बारे में ज्योति अग्रवाल जी द्वारा दो शब्द बोलने के पश्चात् इसका विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। प्रत्येक रचनाकार को पुस्तक की दो प्रतियां और सम्मान पत्र प्रदान किए गए।इसके बाद जिमी मोदी द्वारा दो शब्द कहने के पश्चात् आजीवन सदस्यों की रचनाओं से सुसज्जित पूर्वाशा पत्रिका के नवम अंक का विमोचन विशिष्ट अतिथि द्वारा किया गया और उपस्थित सभी लोगों को पत्रिका की एक-एक प्रति प्रदान की गई।तत्पश्चात रूनू बरूवा जी की नवीनतम पुस्तक ‘क्षण में क्षणिका’ का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया और उन्होंने पुस्तक की खूबसूरत समीक्षा भी प्रस्तुत की। सचिव जयश्री शर्मा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करने के पश्चात् राष्ट्रीय गान गाया गया और उसके बाद सभा की समाप्ति की घोषणा की गई और केक काटा गया।दोपहर के भोजन के बाद काव्य गोष्ठी आरंभ हुई जिसका संचालन उपाध्यक्ष ममता गिनोड़िया जी द्वारा किया गया। सभी उपस्थित सदस्यों व अतिथियों द्वारा काव्य पाठ किया गया। शाम की चाय के पश्चात् इस भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।



