गोड्डा
मृतक के स्वजनों के चेहरे पर खुशी लौटाने की करें पहल : पीडीजे
जिला स्तरीय मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल कार्यशाला आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित पुस्तकालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से संबंधित एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वहीं, जिले के अधिकार मित्रों के बीच जैकेट का वितरण किया गया। कार्यशाला का उद्धाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार, जिला जज प्रथम कुमार पवन, द्वितीय निरूपम कुमार, जिला जज तृतीय रिचा श्रीवास्तव, जिला जज पंचम नीरज विश्वकर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव दीपक कुमार, एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, प्रशिक्षु डीएसपी कुमार गौरव, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार झा, महासचिव योगेश चंद्र झा आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने कहा कि मोटर दुर्घटना में जिसके परिवार के मुख्य श्रोत व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। ऐसे परिवार के चेहरे पर खुशी लौटाने के लिए हमें ईमानदार पहल करने की जरुरत है। कहा कि जिला प्रशासन द्वारा भी दुर्घटना में पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक राशि मुहैया कराने का प्रविधान है। इसके लिए जन जागरुकता की जरुरत है। खासकर पीएलवी को भी इस दिशा में ईमानादर पहल करने की जरुरत है। यदि कोई परेशानी हो तो डालसा सचिव को या मुझे फोन कर जानकारी देने की सलाह दी। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि जब आप पदधारक होते हैं तो आपका पर्सनल लाइफ मायने नहीं रखता है। पदधारक के लिए ड्यूटी सर्वाेपरि है। हम किसी पर एहसान नहीं कर रहे हैं बल्कि अपना कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं। मोटर वाहन दुघर्टना के क्लेम में सबसे बड़ी जिम्मेवारी पुलिस विभाग की है। अनुसंधानकर्ता (आईओ) को एमएसीटी क्लेम से संबंधित सभी जानकारी होनी चाहिए। नए प्रविधान के अनुरूप दुर्घटना के 48 घंटे के भीतर आईओ द्वारा ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट सौंपना है। दुघर्टना के बाद से ही प्राथमिकी दर्ज करने के समय से ही इस प्रपत्र को भरने से संबंधित सभी प्रकार की सूचना एकत्रित करने के प्रति गंभीर रहें। कहा कि मोटर दुघर्टना की स्थिति में मानवीय संवेदना के आधार पर भी कदम उठाने की जरुरत है। उन्होंने इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव ने वाहन दुघर्टना से संंबंधित प्रविधानों की जानकारी दी। प्रशिक्षु डीएसपी कुमार गौरव ने पुलिस पदाधिकारी व आई को मोटर क्लेम के मामले में सभी पहलुओं पर ध्यान रखते हुए अन्वेशन करने की सलाह दी। इसी कड़ी में कार्यशाला का संचालन कर रही अधिवक्ता नूतन तिवारी ने नालसा एसीड अटैक, अधिवक्ता धर्मेन्द्र नारायण ने मानव तस्करी, एलएडीसी चीफ संजय सहाय ने लीगल सर्वििस रेगुलेशन एक्ट एवं एक्सीस टू जस्टिस, अधिवक्ता अजय प्रसाद साह ने चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट, चाइल्ड कनफ्लीक्ट विथ ला पर विस्तृत प्रकाश डाला एवं इसमें पीएलवी की भूमिका को अहम बताया। धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दीपक कुमार ने किया। कार्यशाला में सिविल सर्जन डा. एसएस शर्मा, न्यायिक पदाधिकारीगण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पूर्णिमा सिंहा, इंस्पेक्टर मधुसूदन मोदक, विभिन्न थाना के प्रभारी, एलएडीसी, अधिवक्ता, पीएलवी मुख्य रूप से उपस्थित थे।




