ललितपुर

कला भवन मेे निशुल्क कला साधना शिविर में सिखाई गयी वारली पेन्टिंग

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। सिद्धन रोड स्थित कला भवन में 05 अप्रैल से निशुल्क कला साधना शिविर में प्रथम चरण में कैलीग्राफी का हिन्दी, अंग्रेजी में लिखने का अभ्यास कराया गया, इसमें पेन, ब्रश द्वारा संतुलित तरीके से शब्दों को सजाकर लिखने की विधा है। बच्चों को सुलेख में ट्रैफटन, बुलियन, रोमन रनिंग लिपि में लिखने का अभ्यास कराया गया। चित्रकार एवं शिविर आयोजक ओमप्रकाश बिरथरे ने बताया कि दूसरे चरण में वारली पेन्टिंग के बारे में बच्चों को बताया गया। वारली पेन्टिंग महाराष्ट्र की सबसे पुरानी जनजातीय लोक कलाओं में से एक है, जो वारली समुदाय द्वारा बनायी जाती हैं। यह कला लगभग 2500 ईसा पूर्व पुरानी है। इसमें सफेद रंग तथा मिट्टी की रंगों से दीवालों पर ज्यामितीय आकृतियों जैसे रेखा, वृत्त, त्रिभुज, वर्ग के माध्यम से दैनिक जीवन, प्रकृति और परम्पराओं को दर्शाया जाता है। बिरथरे ने बताया कि यह पारम्परिक कला आज भी महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कला शिविर में बच्चों को टैंन्ट तथा चेयरविधि द्वारा ह्यूमन फिगर बनाने का अभ्यास कराया गया तथा जनजातीय लोक कला में प्रकृति, पशु, जीव-जन्तु और दैनिक क्रियाओं का कैसे चित्रण किया जाता है, एक अभ्यास कराया गया। कलासाधकों ने वार्ली पेन्टिंग पर सुन्दर चित्र बनायें तथा उनकी संस्कृति समझा।
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