असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर निशाना
'असमिया महिला को बदनाम करने की कोशिश, लोगों का अपमान'।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा चुनाव से पहले उनकी पत्नी पर लगाए गए आरोपों को असमिया लोगों की भावनाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह एक असमिया महिला को बदनाम करने की साजिश थी। राज्य बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सरमा ने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई का खेड़ा के साथ मंच साझा करना ही उनके चुनावी हार का कारण हो सकता है। गोगोई, जो पहली बार राज्य राजनीति में उतरे थे, जोरहाट विधानसभा सीट पर बीजेपी के मौजूदा विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी से हार गए। गोगोई जोरहाट लोकसभा सीट से सांसद हैं।सरमा ने खेड़ा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “मेरा खेड़ा के लिए एक वादा है… आप सब इंतजार कीजिए और यह फिल्म देखिए।” चुनाव से एक सप्ताह पहले खेड़ा ने दिल्ली और गुवाहाटी में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, जिसमें आरोप लगाया कि सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी कंपनियां हैं, जो मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं बताई गईं। सीएम और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। रिनिकी भुइंया सरमा ने खेड़ा के खिलाफ यहां पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। इस मामले में कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली है। खेड़ा पर कार्रवाई के सवाल पर सरमा ने कहा, “जब हिमंत बिस्वा सरमा कुछ कहते हैं, तो शायद ही पीछे हटते हैं।” इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सरमा ने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, “मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उनकी ओर से असमिया महिला पर आरोप लगाने से लोग भावुक हो गए। अगर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस न की होती और गौरव गोगोई उनके साथ न बैठे होते, तो शायद आज हार न जाती।” उन्होंने कहा, “खेड़ा असमिया महिला को बदनाम करना चाहते थे, इसलिए असम की जनता ने उन्हें ‘पेड़ा’ बना दिया।”बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए की असम में शानदार जीत का जश्न मनाते हुए सरमा ने राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया के साथ पेड़ा बांटा।


