असम विधानसभा चुनाव में मित्रजोत में सुरक्षित क्षेत्रीय शक्ति
अगप-बिपीएफ के 10-10 सीटों पर कब्जा, राइजर दल का सामान्य उभार लेकिन एजेपी पुरी तरह विफल ।
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में राज्य के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने विविध प्रदर्शन किया। भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन की सहयोगी असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बिपीएफ) ने अपना प्रभाव अक्षुण्ण रखा। विपक्षी खेमे के क्षेत्रीय ताकतों में राइजर दल ने मामूली सीट वृद्धि कर अपनी मौजूदगी दिखाई, जबकि असम जातीय परिषद (एजपी) एक बार फिर चुनावी जंग में पूरी तरह विफल रही। शासकीय गठबंधन की प्रमुख शक्ति अगप ने इस बार 26 सीटों पर प्रतिस्पर्धा कर 10 सीटें जीतकर पिछले चुनाव की तुलना में एक अधिक सीट हासिल कीं। पार्टी ने विशेष रणनीति से 13 गैर-जनजातीय अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारे, लेकिन कोई अल्पसंख्यक विधायक नहीं चुना गया। अगप के विजयी उम्मीदवारों में बिलासिपारा से जीवेश राय, बरपेटा से दीपक कुमार दास, बजाली से धर्मेश्वर राय, डिमरिया से डॉ. तपन दास, कालियाबर से केशव महंत, तेजपुर से पृथीराज राभा, तीताबर से विकास शइकिया, बोकाखाट से अतुल बरा, बंगाईगाव से दिप्तिमयी चौधुरी और हाजो-शुवालखुची से प्रकाश चंद्र दास शामिल हैं। पार्टी अध्यक्ष अतुल बरा ने इस जीत को एनडीए पर जनता का अटल विश्वास और विकास यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता बताया। बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) या बीटीएडी क्षेत्र में बिपीएफ ने अपना आधिपत्य फिर स्थापित किया। एनडीए में लौटकर पार्टी ने डोटमा, चिडली चिरांग, मानस, बाक्सा, भेरगांव, उदालगुड़ी, माजबाट, गोसाईगांव, कोकराझार और बावखुंगरी में जीत हासिल कर कुल 10 सीटों पर जीत हासिल की। बिपीएफ के इस उभार के बीच प्रतिद्वंद्वी यूपीपीएल एक भी सीट नहीं जीत सकी। विपक्षी क्षेत्रीय शक्ति के रूप में राइजर दल ने इस चुनाव में अपनी ताकत बढ़ाकर दो सीटें जीतीं। अध्यक्ष अखिल गगोई शिवसागर से हाई-प्रोफाइल जीत के अलावा महबूब मुक्तार ने धिंग सीट से जीतकर पार्टी को नई ऊंचाई दी। 13 सीटों पर लड़ी राइजर दल की इस सफलता ने ऊपरी असम और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पार्टी की जड़ें मजबूत होने का संकेत दिया। इसके उलट असमिया जातीयतावाद का विकल्प बनाए गए एजपी के लिए नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। अध्यक्ष लुरिनज्योति गगोई को भाजपा के चक्रधर गगोई से 9,984 वोट और महासचिव जगदीश भुइयां को भाजपा के बलिन चेतिया से 41,749 वोटों के भारी अंतर से हार झेलनी पड़ी। 2026 चुनावी नतीजे असम के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देते हैं। क्षेत्रीय दलों की प्रासंगिकता बरकरार है, लेकिन बड़े गठबंधन के बिना चुनावी पटारे पार करना चुनौतीपूर्ण हो गया। अगप-बिपीएफ ने शासकीय गठबंधन में रहकर संगठनिक सुरक्षा सुनिश्चित की, जबकि स्वतंत्र क्षेत्रीय ताकतों के लिए रास्ते संकुचित हैं। ये नतीजे असम के क्षेत्रीयतावाद के भविष्य पर नई बहस छेड़ रहे हैं।



