
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा के हसनपुर में भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर द्वारा मुरादाबाद और अमरोहा के चिकित्सालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार,व अनियमितताओं और कालाखेड़ा चीनी मिल घोटाले के खिलाफ उप मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने घर पर ही किया नजर बंद। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन एवं भूख हड़ताल की चेतावनी दी। किसानों की चेतावनी पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया,रविवार दोपहर नगर के कनेटा रोड पर प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यूनियन के पदाधिकारियों को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया।इस दौरान यूनियन ने उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार मनोज कुमार को सौंपा। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों में मनमानी फीस वसूली जा रही है और मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन कर अवैध फ्लोर चलाए जा रहे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया कि अयोग्य स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। यूनियन ने पारदर्शिता के लिए ऑपरेशन कक्ष में ‘ग्लास विंडो’ लगाने की मांग की है।इसके अलावा मुरादाबाद में 10-12 वर्षों से जमे एक अधिकारी को हटाने और कालीखेड़ा मिल घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। बताया जा रहा है कि जनपद में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन के द्वारा यह कदम उठाया। इस मौके पर डॉक्टर दिग्विजय सिंह भाटी, सोनू,मेवाराम, रूम सिंह,सूरजपाल, रिहान सैफी, नन्हे यादव, देवकरं सिंह, अमरजीत गुर्जर आदि मौजूद रहे।



