गाजियाबाद

लोनी नगरपालिका में भ्रष्टाचार चरम पर, फर्जी टेंडरों से हो रहे घटिया निर्माण कार्य : आदर्श जाटव

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी नगरपालिका परिषद के वार्ड संख्या-1 के सभासद आदर्श जाटव ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगरपालिका प्रशासन पर  भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोनी नगरपालिका में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है और यहां तैनात अधिकारी फर्जी टेंडर प्रक्रिया अपनाकर अपने करीबी ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
सभासद आदर्श जाटव ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगरपालिका के किसी भी वार्ड में नई स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई, जबकि फोगिंग और मच्छर मारने वाली दवाइयों का छिड़काव भी नहीं कराया गया। जिसके कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई कार्य करने वाली कंपनी के पास पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी नहीं हैं, जिससे वार्डों में गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कार्य करने वाली कंपनियों का भुगतान लगातार बढ़ाया गया , लेकिन नागरिकों को सफाई की अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सभासद ने अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र में पानी की टंकियां बनने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही, पानी की किल्लत के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आदर्श जाटव ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकारियों से आपसी सांठगांठ के चलते चेयरमैन के करीबी लोगों तक सीमित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चेयरमैन के निजी गनर और चालक का वेतन सरकारी खातों से निकाला जा रहा है।
सूचना के अधिकार (आरटीआई) और आईजीआरएस शिकायतों को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जबकि आईजीआरएस शिकायतों का बिना मौके पर जांच किए ही निस्तारण कर दिया जाता है।
सफाई कंपनी से सभासदों को कुछ सहयोग राशि मिलने के सवाल पर आदर्श जाटव सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। हालांकि उन्होंने कहा कि सफाई कंपनी को गलत तरीके से टेंडर दिया गया है और इसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button