बेतुल

बैतूल 35 लाख की नई टंकी में पानी भरते ही शुरू हुआ रिसाव

पेयजल परियोजनाओं में अनियमितता के आरोप, पार्षद ने जनसुनवाई में की शिकायत; टंकी, पाइपलाइन और बोरिंग कार्य जांच के घेरे में

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। चिचोली नगर परिषद में पेयजल योजनाओं, नवनिर्मित पानी टंकी की गुणवत्ता और हाल ही में कराए गए बोरिंग कार्यों को लेकर वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा आर्य ने जनसुनवाई में कलेक्टर बैतूल से शिकायत करते हुए करोड़ों रुपये की पेयजल योजनाओं और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
– दबाव बना रहे अधिकारी
पार्षद नेहा आर्य ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि अमृत 2.0 योजना के तहत वार्ड क्रमांक 1 एवं 15 में पेयजल पाइपलाइन बिछाने को लेकर नगर परिषद के सीएमओ द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें पाइपलाइन बिछाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस स्थान से लाइन डाली जा रही है, वहां गंदे नालों के किनारे से पेयजल पाइप गुजरेगा, जिससे भविष्य में पेयजल दूषित होने और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
– जन स्वास्थ्य की चिंताओं को किया जा रहा नजर अंदाज
पार्षद का आरोप है कि तकनीकी और जनस्वास्थ्य संबंधी आपत्तियां उठाने के बावजूद उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है तथा योजना को उसी स्वरूप में आगे बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कराने की मांग की है।
अमृत 2.0 योजना के तहत वार्ड क्रमांक 1 और 15 में नालियों के किनारे पेयजल सप्लाई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। उनका कहना है कि जिन स्थानों से पाइपलाइन डाली जा रही है वहां बड़ी और गंदी नालियां मौजूद हैं, जिससे भविष्य में पेयजल प्रदूषित होने और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कलेक्टर और नगरीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया।
– बिना समुचित परीक्षण हैंडओवर कर दी टंकी 
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वार्ड क्रमांक 4 में इंटरजन एनर्जी गुड़गांव द्वारा मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत लगभग 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी में पानी भरते ही कई स्थानों पर सीपेज और लीकेज सामने आ गया। पार्षद ने टंकी निर्माण को गुणवत्ताविहीन बताते हुए सीएमओ, उपयंत्री और ठेकेदार की मिलीभगत से बिना समुचित परीक्षण के टंकी हैंडओवर लेने का आरोप लगाया है।
आवेदन में हाल ही में कराए गए बोरिंग कार्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि परिषद द्वारा कराए गए कुछ बोरिंग कार्य अध्यक्ष के निवास, प्लॉट और लॉज के सामने कराए गए, जिससे शासकीय राशि के निजी उपयोग की आशंका पैदा होती है। उन्होंने इन कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, स्थल चयन, बोरिंग की गहराई और संबंधित फाइलों की जांच कराने की मांग की है।
– जीएल कोड जारी होने के बावजूद नहीं कराया नाली निर्माण 
पार्षद ने वर्ष 2022 में स्वीकृत वार्ड क्रमांक 1 और 15 की नाली निर्माण योजना का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जीएल कोड जारी होने के बावजूद नाली निर्माण नहीं कराया गया और राशि का उपयोग अन्य स्थानों पर किया गया। इसके अलावा लगभग 6 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाली मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत किए गए कार्यों, खर्च की गई राशि तथा शेष धनराशि के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में पार्षद नेहा आर्य ने सभी बिंदुओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में जांच संबंधी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button