मथुरा
मथुरा में तिपहिया वाहन चालकों की मनमानी से हांफ रहा ट्रैफिक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। धर्मनगरी की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के दावे फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को अनुशासित करने के लिए जनवरी में रूट तय किए गए थे, लेकिन पांच माह बाद भी व्यवस्थाएं अब तक फाइलों से बाहर नहीं आ सकी हैं। न तो तिपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है न ही कहीं स्टैंड बनाया गया है। शहरवासी हर रोज जाम की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार व्यवस्था लागू करने में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। यातायात पुलिस और नगर निगम ने दिसंबर 2025 में मथुरा-वृंदावन की यातायात व्यवस्था में सुधार की पहल शुरू की थी। बेलगाम ऑटो और ई-रिक्शा के लिए रूट और रंग तय किए गए। वृंदावन में छह और मथुरा में 10 रूट तिपहिया वाहनों के लिए चिन्हित किए गए थे। तिपहिया वाहनों के पंजीकरण के बाद संचालकों को तय रूटों पर चलाने के निर्देश दिए गए। नगर निगम के जिम्मेदारों ने संचालकों को निर्देश दिए कि तय रूट पर तिपहिया वाहन चलाएं और सवारियां बैठाने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्टैंड व पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि ये दावे फाइलों में दबकर रह गए।



