झुंझुनू
भक्तमाल कथा में तीसरे दिन सुनाया प्रहलाद,वली चरित्र और मां गंगा का प्रसंग, सजी विभिन्न झांकियां
अहंकार को त्याग कर प्रेम और सहजता से की गई सच्ची भक्ति ही मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्त करती है.... कथावाचक रामस्वरूप दास

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चंवरा। कस्बे के किशोरपुरा सीमा पर मोरिंडा में स्थित पलटुदास अखाड़ा के पंचमुखी हनुमान मंदिर में गुरुवार को भक्तमाल कथा के तीसरे दिन कथावाचक रामस्वरूप दास महाराज ने प्रहलाद भक्त, वली चरित्र, मां गंगा का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि अहंकार को त्याग कर प्रेम और सहजता से की गई सच्ची भक्ति ही मनुष्य को सांसारिक मोह, माया, ईर्ष्या और भय से मुक्त करती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर प्राप्ति के लिए संन्यास अनिवार्य नहीं है, सांसारिक कार्यों को करते हुए भी यदि मन में प्रभु के प्रति सच्ची लगन और विश्वास हो तो गृहस्थ भी प्रभु भक्ति का माध्यम बन जाता है। कथा में समय-समय पर नरसिंह अवतार, वामन अवतार, मां गंगा, शंकर भगवान और हनुमान की संजीवित झांकियां सजाई गई जो आकृष्ण का केंद्र रही। बीच-बीच में धार्मिक भजनों की ताल पर श्रोता थिरकते नजर आए। महाआरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान धाम के महंत रघुनाथ दास महाराज, मंदिर कमेटी अध्यक्ष गजराज सिंह शेखावत, गिरदावर जगदीश प्रसाद शर्मा, मक्खन नाथ, गिरधारी रावत, नत्थूराम सैनी, बाबूलाल पटेल, भाताराम रावत, शीशराम रावत, रामावतार ठेकेदार चंवरा, सांवरमल खटाणा, महेश शर्मा, बंटी सैनी, रतन सिंह शेखावत, राधेश्याम कुमावत, धवल कुमार बिछवाल, सांवरमल मीणा, हनुमान भंडारी, निवास सैनी, छोटू दोराता, सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।



