नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद। लोनी क्षेत्र में कथित रूप से संचालित हो रहे अवैध सट्टा कारोबार को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग एक ही सवाल उठा रहे हैं कि जब आम जनता को इन गतिविधियों की जानकारी है, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन तक क्यों नहीं पहुंच रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास नगर, प्रेम नगर, लाल बाग, बेहटा हाजीपुर और लोनी बॉर्डर समेत कई इलाकों में लंबे समय से सट्टेबाजी के अवैध कारोबार की चर्चाएं होती रही हैं। बावजूद इसके, अब तक किसी बड़ी और प्रभावी कार्रवाई का अभाव लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
नागरिकों का आरोप है कि शिकायतें समय-समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाती हैं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिलती। यही वजह है कि क्षेत्र में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि आखिर ऐसे कारोबारियों को संरक्षण किसका प्राप्त है।
व्यंग्य भरे लहजे में कुछ लोग कहते हैं कि मानो अवैध कारोबारियों को ऐसा अभेद्य सुरक्षा कवच हासिल हो गया है, जिसके आगे शिकायतें और जनहित की आवाजें भी असर नहीं छोड़ पा रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जनता के बीच उठ रहे सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
सामाजिक जानकारों का मानना है कि सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियां युवाओं को त्वरित धन कमाने के भ्रम में फंसाकर उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही ऐसे कारोबार कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल के लिए भी चुनौती बन सकते हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो लोगों के मन में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर संदेह और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
अब निगाहें संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं। जनता को उम्मीद है कि यदि कहीं भी अवैध सट्टा कारोबार संचालित हो रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लोनी की गलियों में एक सवाल बार-बार सुनाई दे रहा है—
“जब चर्चा हर चौपाल पर है, तो कार्रवाई आखिर किस मोड़ पर अटकी है?”
