
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के रेलवे स्टेशन उद्घाटन कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने रेलवे स्टेशन मार्ग की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसे देखकर शहरवासी भी हैरान रह गए। आम दिनों में अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और जाम से जूझने वाला यह मार्ग वीआईपी दौरे के दौरान पूरी तरह साफ, व्यवस्थित और यातायात के लिए सुगम नजर आया।
इस बदली हुई व्यवस्था ने लोगों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—यदि प्रशासन चाह ले तो क्या ऐसी व्यवस्था रोज़ नहीं हो सकती? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस तत्परता से वीआईपी आगमन पर सड़कें साफ कराई जाती हैं, अतिक्रमण हटाया जाता है और यातायात को सुचारु बनाया जाता है, वही व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए भी नियमित रूप से लागू होनी चाहिए।
इधर, अग्रसेन चौक से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले डिवाइडर के पास वर्षों से छोटी-छोटी दुकानें लगाकर आजीविका चलाने वाले गरीब लोगों का सामान हटवा दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी स्थान पर राजनीतिक झंडे लगाए गए, जिससे कार्रवाई के उद्देश्य पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शहरवासियों का मानना है कि प्रशासन की कार्रवाई निष्पक्ष और जनहित में होनी चाहिए। यदि अतिक्रमण हटाना आवश्यक है तो यह अभियान स्थायी और सभी पर समान रूप से लागू हो, न कि केवल वीआईपी दौरों तक सीमित रहे।
रेलवे स्टेशन के उद्घाटन से शहर को नई सौगात जरूर मिली है, लेकिन नागरिकों की उम्मीद अब यह भी है कि साफ-सुथरी सड़कें, सुगम यातायात और समान व्यवस्था केवल विशेष अवसरों पर नहीं, बल्कि हर दिन आम लोगों को भी मिले।




