सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी पर नाराजगी, झारखंड के दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित
Two senior Jharkhand officials suspended over disregard for Supreme Court directives.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झारखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अवर सचिव संजय कुमार झा और संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों पर राज्य के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में गंभीर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा बिना सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप है। सरकार ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत निलंबन का आदेश जारी किया है। मामला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश से जुड़ा है, जिसके तहत देशभर के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अदालत के मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने 11 जुलाई 2026 को सभी राज्यों के गृह सचिवों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक के बाद निर्देश दिया गया था कि सीसीटीवी स्थापना से संबंधित रिपोर्ट सूचना, प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर ही भेजी जाए। आरोप है कि अवर सचिव संजय कुमार झा ने इन निर्देशों की अनदेखी करते हुए स्वयं रिपोर्ट तैयार कर सीधे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे के कार्यालय को ईमेल कर दी। वहीं संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा पर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना वास्तविक तथ्यों से अलग रिपोर्ट भेजने का आरोप है, जिसके कारण पहले भेजी गई रिपोर्ट को निरस्त कर संशोधित रिपोर्ट तैयार करनी पड़ी। सरकार ने दोनों मामलों को गंभीर प्रशासनिक चूक और अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन लागू किया है। निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार झा का मुख्यालय कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, रांची तथा मनीषा जोसेफ तिग्गा का मुख्यालय दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल आयुक्त कार्यालय, रांची निर्धारित किया गया है। नियम-10 के तहत दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। यह आदेश राज्यपाल के आदेश से जारी किया गया है तथा इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, राजभवन, महालेखाकार एवं संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।



