झारखंड में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की तैयारी, सीएम हेमन्त सोरेन ने की ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा
Preparations underway for 24-hour quality power supply in Jharkhand; CM Hemant Soren reviews Energy Department schemes.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली पहुंचाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास की मजबूत आधारशिला है। इसलिए बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से संवाद कर बिजली आपूर्ति, पावर ग्रिड स्थापना, भूमि संबंधी समस्याओं और अन्य तकनीकी मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि बिजली कटौती से संबंधित शिकायतों का स्थायी समाधान किया जाए तथा ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए विद्युत अवसंरचना को मजबूत किया जाए। साथ ही शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। योजना के क्रियान्वयन, लाभुकों की पहचान और शिकायतों के समाधान की नियमित निगरानी करने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राजधानी रांची में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। ये स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में बनाए जाएंगे।
स्मार्ट ग्रिड के माध्यम से बिजली आपूर्ति की निगरानी, लोड प्रबंधन और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने झारखंड में जलविद्युत, फ्लोटिंग सोलर और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध जल संसाधनों और जलाशयों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने हुंडरू, जोन्हा सहित राज्य के प्रमुख जलप्रपातों की संभावनाओं का आकलन कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सरकारी एवं निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली को बढ़ावा देने और जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को गति देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बंजर और अनुपयोगी भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए तकनीकी सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्लांट की पुरानी एवं नई मशीनों की दक्षता का अध्ययन कर आधुनिकीकरण की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कम संसाधनों में अधिक बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने मोनोपोल जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया, जिससे कम भूमि में बेहतर विद्युत व्यवस्था विकसित की जा सके। बैठक के दौरान बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के उपायुक्तों तथा वन विभाग के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर ट्रांसमिशन लाइन और ग्रिड परियोजनाओं में आ रही बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने और स्मार्ट मीटरिंग अभियान को तेज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और संबंधित संस्थानों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए प्रथम चरण में 35 प्रतिशत पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन से बिजली आपूर्ति, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी और प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बिजली व्यवस्था सीधे मरीजों के जीवन से जुड़ी है। उन्होंने सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में ड्यूल लाइन व्यवस्था विकसित करने को कहा, ताकि तकनीकी खराबी की स्थिति में भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी के.के. वर्मा, तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के एमडी अनिल वर्मा सहित ऊर्जा विभाग एवं संबंधित निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय कार्यालयों के अभियंता डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



