गाजियाबाद
लोनी की हालिया घटना के बाद आरोपों की सियासी बारिश, दोनों खेमों में जुबानी जंग तेज
विधायक नंदकिशोर गुर्जर के आरोपों पर विपक्ष का पलटवार, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच की बात कही
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए विवाद के बाद राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। घटना को लेकर भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और विपक्षी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने-अपने रुख को सही ठहरा रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
विधायक ने विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने घटना के बाद विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष से जुड़े कुछ नेता लोनी के सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि विपक्षी नेता हाजी सलमान के समर्थन में खड़े हैं, जिन पर कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे और हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता से मारपीट के आरोप हैं।
विधायक ने कहा कि वह पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। उनका कहना है कि लोनी की शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विपक्ष बोला- मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश
वहीं समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ दिया। विपक्षी नेताओं के अनुसार, रेस्टोरेंट में क्षेत्र की नागरिक समस्याओं, कथित भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसमें पूर्व विधायक चौधरी जाकिर अली समेत विभिन्न नेता मौजूद थे।
विपक्ष का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने सत्ता के दबाव में कार्यक्रम को अनुमति के मुद्दे में उलझाकर प्रभावित किया। नेताओं ने सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे वीडियो का हवाला देते हुए विधायक पर अमर्यादित भाषा और धमकी देने के आरोप भी लगाए। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधि से संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र की बदहाल सड़कों, जलभराव, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य जनसमस्याओं पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने का रास्ता अपनाया जा रहा है।
पुलिस का दावा- शांति व्यवस्था के लिए कराया गया हस्तक्षेप
लोनी बॉर्डर थाना पुलिस के अनुसार, रेस्टोरेंट में बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मौके पर विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की जांच वीडियो समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब बयानबाजी से आगे जांच के नतीजों पर टिकी नजर
घटना के बाद जिस तरह दोनों राजनीतिक खेमों के बीच बयानबाजी तेज हुई है, उससे लोनी की राजनीति में भी गर्माहट बढ़ गई है। एक ओर विधायक इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का मुद्दा बता रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और जनसमस्याओं की आवाज दबाने का मामला बता रहा है। ऐसे में अब निगाहें पुलिस जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।

