भरत पुर
भुसावर से द्वितीय डांक कांवड लेने 41 शिवभक्तों ( कांवडियों ) जत्था कछला घाट सौरों जी हुआ रवाना
शिव कांवड सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में हुए रवाना

10 अगस्त सोमवार को बड़वाले शिम्भू मन्दिर में होगा जलाभिषेक
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर : महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनिया तरसती है। और भोले की फौज करेगी मौज के साथ जो सुकून नहीं पूरे संसार में, वो सुकून है भोले बाबा के दरबार में जैसे गगनचुम्बी जयकारों के साथ और डीजे पर बज रहे शिवमय भजनो पर नृत्य करते हुए शिव डांक सेवा समिति भुसावर के संयुक्त तत्वाधान में द्वितीय डांक कांवड़ यात्रा कछला घाट सौरो जी से गंगाजल लेने के लिए 41 शिव भक्तों के साथ वाहन में सवार होकर रवाना हुए। जहां कछला घाट सौरो जी की रवानगी से पूर्व मन्दिर में अपने परिवार के साथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए मांगी मनोकामनाएं। वहीं बड़वाले शिम्भू मन्दिर के भक्त मण्डल के सदस्यो शिब्बो शिवदयाल प्रजापत, सम्पत सैनी, पिन्टू प्रजापत, मुरारी आदि शिव भक्तों ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन मास की पावन वेला में धर्म, आस्था और शिव भक्ति के अनुपम संगम को देखते हुए पिछले बर्ष की भांति इस वर्ष भी आज 08 अगस्त शनिवार को शिव कांवड सेवा समिति भुसावर के तत्वाधान में द्वितीय शिव डांक कांवड यात्रा को कस्बे के कुण्डा सड़क मार्ग स्थित बड़वाले शिम्भू मन्दिर में विधी विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर शहर परिक्रमा करते हुए ठाकुर गणेश मन्दिर से 41 शिव भक्तों का जत्था (दल) वाहन में सवार होकर कछला घाट सोरों जी रवाना हुआ। वहीं शिव भक्तों ने रवानगी से पूर्व कुण्डा सड़क मार्ग स्थित बड़वाले शिम्भू मन्दिर में विधी विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर बैंड बाजो की मधुर आवाज में भजनों पर नृत्य करते हुए भगवान शिव के जयकारों के साथ शहर परिक्रमा करते हुए ठाकुर गणेश जी मन्दिर राजा मण्डी के पास विशेष पूजा अर्चना करते हुए मस्तक पर रोली का टीका लगाकर अपने बड़े बड़ों के चरण स्पर्श कर सकुशल मंगलमय यात्रा के साथ डांक कांवड लाने का आशीर्वाद लेकर 41 शिव भक्तों का जत्था (दल) वाहनों में सवार हो कर कछला घाट सौरो जी रवाना हुआ। वहीं इसके बाद 10 अगस्त ( प्रदोष सोमवार) को भोले की मर्जी अनुसार विद्वान पण्डितो द्वारा मंत्र उच्चारण के साथ बड़वाले शिम्भू मन्दिर में गंगाजल से सामुहिक रुप में जलाभिषेक करेंगे। और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना को लेकर हवन में आहुतियां प्रदान की जाएगी।



