पाकुड़

पाकुड़ में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, प्रशस्ति-पत्र/ मोमेंटो समेत परिसमाप्ति का किया वितरण

World Tribal Day celebrated with great enthusiasm in Pakur; cultural performances captivated the audience, and certificates and mementos were distributed at the conclusion of the event.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। विश्व आदिवासी दिवस 2026 के अवसर पर पाकुड़ जिला प्रशासन के सौजन्य से स्थानीय रविंद्र भवन में भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, इतिहास और सामाजिक योगदान की जीवंत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारम्भ उपायुक्त मेघा भारद्वाज, न्यायिक पदाधिकारी, अपार समाहर्ता जेम्स सुरीन, एसपी अनुदीप सिंह, डीडीसी अरविंद कुमार लाल, आईटीडीए निदेशक अरुण कुमार एक्का, खनन पदाधिकारी राजेश कुमार, एसडीओ साइमन मरांडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति,, भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार, डीटीओ मो. मुजाहिद अंसारी, नगर प्रशासक अमरिंदर कुमार चौधरी, नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल व डीएस सोहेल अनवर सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जबकि मंच का संचालन डीएसओ अभिषेक कुमार सिंह एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने किया। इससे पूर्व अतिथियों ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह में पहुंचने वाले अतिथियों का बुके एवं पौधे भेंट कर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी संस्कृति और परंपरा से जुड़े रंग-बिरंगे परिधानों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों ने पूरे वातावरण को आकर्षक बना दिया। समारोह में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, परगणैत, मांझी, ग्राम प्रधान, सेविका-सहायिका, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं आम नागरिक मौजूद रहे। विश्व आदिवासी दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। कलाकारों ने नागपुरी एवं संथाली सांस्कृतिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत एवं नृत्य प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। वहीं, दामिन-ए-कोह के ऐतिहासिक संथाल आंदोलन पर आधारित नृत्य नाटिका के माध्यम से कलाकारों ने आदिवासी समाज के संघर्ष, साहस और ऐतिहासिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान सभागार में मौजूद दर्शक भाव-विभोर नजर आए। कलाकारों की प्रस्तुति ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि नई पीढ़ी को आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और संघर्षों से परिचित कराने का भी कार्य किया। समारोह के दौरान जिला प्रशासन की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। लाभुकों के बीच विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। अधिकारियों ने योजनाओं के माध्यम से समाज के जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले लोगों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। विश्व आदिवासी दिवस 2026 महोत्सव के अवसर पर आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था एवं सामाजिक संरचना को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले परगणैत, मांझी एवं ग्राम प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाज के बीच जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाली सेविका एवं सहायिका को भी प्रशस्ति-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से जिला प्रशासन ने आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था, सामाजिक नेतृत्व तथा जनसेवा से जुड़े लोगों के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया। सम्मानित किए गए लोगों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा, अधिकार और गौरवशाली इतिहास को समझने एवं संरक्षित करने का महत्वपूर्ण दिन है। आदिवासी समाज ने प्रकृति संरक्षण, सामाजिक समरसता और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और इतिहास से जोड़ने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समारोह के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों, कर्मियों एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को प्रशस्ति-पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान रविंद्र भवन परिसर आदिवासी संस्कृति और परंपरा के रंग में रंगा नजर आया। समारोह ने जिले में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आदिवासी विरासत के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में खेल पदाधिकारी राहुल कुमार, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, महावीर मड़ैया अन्य उपस्थित थे।

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