पाकुड़

झामुमो प्रखंड कार्यालय महेशपुर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, पारंपरिक नृत्य और नारों से गूंजा परिसर, ढोल/ नगाड़े और मांदर की थाप पर थिरके आदिवासी महिला-पुरुष; शिक्षा, नशामुक्ति और रोजगार पर जोर

World Tribal Day was celebrated with great enthusiasm at the JMM block office in Maheshpur; the premises resonated with traditional dances and slogans as tribal men and women danced to the beats of *dhol*, *nagada*, and *mandar* drums; emphasis was placed on education, de-addiction, and employment.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
महेशपुर, पाकुड़। झामुमो प्रखंड कार्यालय महेशपुर में प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद के नेतृत्व में झामुमो प्रखंड समिति एवं महिला मोर्चा प्रखंड समिति की ओर से विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन झामुमो युवा मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष बाबुधन मुर्मू उर्फ डॉन ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी मौजूद रहीं। वहीं एसडीपीओ विजय कुमार और थाना प्रभारी रवि शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महान आदिवासी क्रांतिकारियों सिदो-कान्हू, तिलका मांझी एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और उन्हें नमन करके की गई। इसके बाद झामुमो महिला मोर्चा की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्य अतिथि उपासना मरांडी, एसडीपीओ विजय कुमार, थाना प्रभारी रवि शर्मा सहित मंच पर मौजूद अतिथियों को पुष्पगुच्छ, माला और आदिवासी पारंपरिक परिधान पंची-पाड़हाट भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद आदिवासी महिला-पुरुषों ने ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर सोहराय, दोंग एवं लागड़े नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य से पूरा प्रखंड कार्यालय परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। इस दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक कला की आकर्षक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर “एक तीर, एक कमान, सब आदिवासी एक समान”, “जय जोहार” और “जय झारखंड” के नारों से माहौल गूंजता रहा। उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं आदिवासी समुदाय के लोगों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। मुख्य अतिथि उपासना मरांडी ने कहा कि आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, नशामुक्ति और रोजगार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का आह्वान किया और समाज में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता बढ़ाने की बात कही। विश्व आदिवासी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तिलका मांझी, सिदो-कान्हू और बिरसा मुंडा जैसे महान आदिवासी वीरों ने समाज और देश के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान पर गर्व है तथा उनकी विरासत को आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और अपनी संस्कृति व परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया। एसडीपीओ विजय कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता आया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों से मिले संस्कारों को संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला संगठन सचिव अनारूद्दीन मियां, प्रखंड सचिव जेम्स सुशील हेंब्रम, छात्र मोर्चा जिला सचिव तौसीफ इकबाल, प्रखंड उपाध्यक्ष एनामुल हक, मैईनुद्दीन अंसारी, अर्थोमस हेंब्रम, प्रखंड सह सचिव सुनीराम मुर्मू, महिला मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष सह प्रखंड प्रमुख शुभलक्ष्मी मुर्मू, हबिबुर रहमान, पप्पु अंसारी, मोताहार शेख, योगेन्द्र मुर्मू, निरोज मड़ैया, इकबाल हुसैन, टीपू सुल्तान अंसारी, बोड़ो हेंब्रम, रहमान अंसारी, मोहर्रम शेख, डार्फी शेख, नूर आलम शेख, बोकुल शेख, शाहलुम शेख, तारिक अनवर, सफाजुल अंसारी, साबिर अली, मधु शेख, रेहान शेख समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के साथ शिक्षा, नशामुक्ति, रोजगार और युवाओं की भागीदारी को समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया।

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