बेतुल
बैतूल ग्राम सभा के प्रस्ताव को दरकिनार कर कोटवार नियुक्ति का आरोप
रामघाटी के ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत, नियुक्ति निरस्त करने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। भैंसदेही ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रामघाटी में कोटवार की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में सर्वसम्मति से जिस व्यक्ति के नाम पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया गया था, उसे दरकिनार कर दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई। ग्रामीणों ने नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के कोटवार के सेवानिवृत्त होने के बाद नए कोटवार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ईश्तहार के अनुपालन में 20 जून 2026 को ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। इसमें उपस्थित ग्रामीणों ने विचार-विमर्श के बाद राजू दांदड़े, पिता बाजीलाल दांदड़े के नाम पर सर्वसम्मति जताई और उनके पक्ष में प्रस्ताव पारित किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के बावजूद संजू दांदड़े की कोटवार पद पर नियुक्ति कर दी गई, जबकि उनका नाम ग्राम सभा द्वारा प्रस्तावित नहीं किया गया था। ग्रामीणों ने संजू दांदड़े के आचरण को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
कलेक्टर को सौंपे शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव की अनदेखी कर नियुक्ति किए जाने से प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच कराने तथा यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
– ग्रामीणों के समर्थन में युवा आदिवासी विकास संगठन
मामले में युवा आदिवासी विकास संगठन भी ग्रामीणों के समर्थन में सामने आया है। संगठन के भैंसदेही ब्लॉक अध्यक्ष तिरु नंदू आहके, ग्राम पटेल तिरु नंदू उईके और सचिव तिरु बबलू धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
ग्रामीणों की मांग है कि नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो वर्तमान नियुक्ति को नियमानुसार निरस्त किया जाए तथा 20 जून की ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा के निर्णय की कथित अनदेखी से असंतोष है और मामले का निष्पक्ष निराकरण किया जाना चाहिए।
इस दौरान रमेश उईके, गोकुल धुर्वे, सुरपसिंह धुर्वे, किसनलाल आहके, फगन सिंह कवड़े और जगन चिचाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



