राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष पर्यवेक्षक ने कामरूप जिले के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का लिया जायजा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की विशेष पर्यवेक्षक उमा कांते ने गुरुवार को पंचायती राज और ग्राम्य विकास विभाग की एक टीम के साथ असम के कामरूप जिले का दौरा कर वहां चल रहे ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और पंचायती राज संस्थाओं की गतिविधियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श भी किया गया।बैठक में कामरूप जिले की विभिन्न परियोजनाओं और पंचायती राज के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही टीम को असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) के तहत लागू कई पहलों के बारे में भी जानकारी दी गई। उमा कांते ने इन पहलों की प्रगति से संतोष जताया और इन्हें “आकर्षक एवं आशाजनक” बताते हुए आगे और सशक्त करने का आह्वान किया। विशेष पर्यवेक्षक ने प्लास्टिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया और कहा कि प्लास्टिक के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंधों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी निर्णायक होगी। उन्होंने कचरा स्रोत स्थल पर सूखा और गीला कचरा अलग रखने की आदत को बढ़ावा देने तथा प्लास्टिक के पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग की संभावनाओं पर काम करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।उमा कांते ने अमृत सरोवर परियोजनाओं के और बेहतर विकास की सिफारिश की और इन जलाशयों के संरक्षण तथा उपयोग के लिये स्थानीय समुदायों को मार्गदर्शन व जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर समुदायों की भागीदारी और क्षमता निर्माण से ये परियोजनाएं टिकाऊ और सफल बनेंगी। दौरे के क्रम में दल ने बको विकास खण्ड कार्यालय का भी दौरा किया और वहां ग्राम पंचायत तथा क्षेत्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त बैठक की। बैठक में कामरूप जिला परिषद के अध्यक्ष निपन भुइयां , मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ गोस्वामी, जिला परिषद के उपाध्यक्ष, उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम व क्षेत्रीय पंचायत के सदस्य तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने क्षेत्रीय पहलों की स्थिति, चुनौतियाँ और सुधार के उपायों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के समापन पर विशेष पर्यवेक्षक ने स्थानीय अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से सामूहिक प्रयास के माध्यम से ग्राम्य विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने और समुदाय-आधारित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।



