अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद लोनी में हलचल, अधिकारियों की बैठक के बावजूद जलभराव और टूटी सड़कों से राहत कब मिलेगी ,जवाब किसी के पास नहीं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लगातार हो रही बारिश के बाद लोनी नगरपालिका क्षेत्र में जलभराव, कीचड़ और टूटी-फूटी सड़कों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूबी हैं तो जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। जलभराव के कारण फिसलन बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। त्योहार का समय होने के बावजूद लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वे अपने घरों से सुरक्षित आवागमन कैसे करें।
लोनी की बदहाल सड़कों और जलभराव को लेकर सोशल मीडिया पर नागरिकों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर स्थानीय विधायक के खिलाफ वायरल हो रहे वीडियो और नागरिकों की शिकायतों के बाद विधायक ने नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी समेत लोनी से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाकर समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
विधायक ने नगरपालिका को घेरा
बैठक के बाद विधायक ने जलनिकासी की समस्या को लेकर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि नगरपालिका में भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण सवाल लोनी के लोगों को जलभराव और बदहाल सड़कों से वास्तविक राहत कब तक मिलेगी का स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
विधायक की ओर से यह जरूर कहा गया कि कुछ काम शेष है और कार्य पूरा होते ही सड़क को आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसी सड़क और जलनिकासी व्यवस्था चाहिए जिस पर वे सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें।
त्योहार के समय सबसे बड़ी परेशानी
रक्षाबंधन जैसे त्योहार के मौके पर लोनी के अधिकांश प्रमुख और संपर्क मार्गों की हालत और ज्यादा खराब होने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। जगह-जगह पानी, कीचड़ और गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। पैदल चलने वालों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि जब त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने रिश्तेदारों के घर आते-जाते हैं, ऐसे में यदि मुख्य मार्ग ही जलभराव और गड्ढों से घिरे हों तो वे सुरक्षित आवागमन कैसे करेंगे।
सांसद को तलाश रहे लोनीवासी
इधर, इस पूरे मामले में स्थानीय नागरिक अब क्षेत्रीय सांसद अतुल गर्ग की सक्रियता पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि जनता से संपर्क करते हैं, लेकिन जब शहर जलभराव, टूटी सड़कों, गड्ढों और जाम जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, तब सांसद की सक्रिय मौजूदगी कही दिखाई नहीं दे रही।
नागरिकों की नाराजगी का सवाल सीधा है जब लोनी की वोट की जरूरत थी, तब सांसद जनता के बीच थे, लेकिन अब जब लोनी को समाधान की जरूरत है तो सांसद क्षेत्र से कहां गायब हैं?
हालांकि, सांसद की ओर से इस मुद्दे पर उनका पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आना बाकी है। ऐसे में यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह लोनी की मौजूदा समस्याओं को लेकर कब क्षेत्र का दौरा करते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान की दिशा में पहल करते हैं।
जलसमस्या का समाधान कब तक?
लोनी में जलभराव की समस्या नई नहीं है। बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी जमा होना और सड़कें क्षतिग्रस्त होना के कारण लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ऐसे में महज अधिकारियों की बैठक और आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं माना जा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों को मिलकर जलनिकासी, सड़क निर्माण और गड्ढों की मरम्मत के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनानी चाहिए। जनता अब यह जानना चाहती है कि कौन सा विभाग क्या काम करेगा और कब तक करेगा।
फिलहाल लोनी के लोगों के सामने पानी से भरी सड़कें, गहरे गड्ढे, जाम और त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन की चुनौती है। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, नगरपालिका के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है जिसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। लेकिन जनता का मूल सवाल अभी भी वहीं खड़ा है लोनी की जलभराव और बदहाल सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?

