शामली
करनाल से लकड़ी बेचकर लौट रहे ग्रामीण को सकौती-खोड़समा के जंगल में बदमाशों ने बनाया निशाना
पुलिस व एसओजी ने खंगाले सीसीटीवी
तमंचे के बल पर डेढ़ लाख की लूट, 24 घंटे बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
चौसाना। करनाल में ईंटों के भट्ठे पर लकड़ी बेचकर करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी लेकर कार से घर लौट रहे ग्रामीण को सकौती-खोड़समा मार्ग के जंगल में तमंचेधारी दो बदमाशों ने कार से उतारकर नकदी लूट ली। सोमवार देर रात हुई लूट की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए बदमाशों की तलाश में कांबिंग की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को चौसाना और झिंझाना पुलिस के साथ एसओजी टीम ने भी सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की पहचान का प्रयास किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
चौसाना के बढ़ी मजरा निवासी जिलेदार हरियाणा में ईंटों के भट्ठे पर लेबर उपलब्ध कराने और लकड़ी बेचने का काम करता है। परिजनों के अनुसार सोमवार रात वह करनाल से करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी लेकर कार से घर लौट रहा था। आरोप है कि सकौती-खोड़समा के जंगल के बीच दो बदमाशों ने कार को रुकवा लिया। बदमाशों ने तमंचे के बल पर जिलेदार को आतंकित करते हुए करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी लूट ली। घटना के बाद पीड़ित किसी तरह अपने घर पहुंचा और परिजनों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पीड़ित के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की तथा आसपास के क्षेत्र में बदमाशों की तलाश में कांबिंग की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
मंगलवार सुबह चौसाना पुलिस और एसओजी टीम ने थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना के नेतृत्व में घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने पीड़ित के पुत्रों से भी घटना की जानकारी ली। इसके अलावा पुलिस ने करनाल बस स्टैंड तथा उन स्थानों पर भी जानकारी जुटाई, जहां से पीड़ित ने नकदी प्राप्त की थी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। पुलिस की जांच टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं।
बदमाशों के डर से सदमे में पीड़ित
चौसाना। लूट की घटना के बाद पीड़ित जिलेदार सदमे में बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार घटना के बाद से वह काफी डरा हुआ है। पुलिस और एसओजी टीम के सामने भी उसने घटना की जानकारी भय के माहौल में दी। ग्रामीण मुबारिक राणा के अनुसार जिलेदार बेहद सीधा-सादा व्यक्ति है। बदमाशों द्वारा तमंचे के बल पर आतंकित करने, नकदी लूटे जाने और घटना के बाद लगातार पूछताछ के चलते वह गहरे सदमे में है।
एक दशक बाद फिर चर्चा में आया सकौती मार्ग
सकौती-बिडौली मार्ग का जंगल क्षेत्र पूर्व में भी आपराधिक घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से इस मार्ग पर लूट की कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई थी। करीब एक दशक बाद लूट की घटना होने से ग्रामीणों में फिर से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सकौती मार्ग से यमुना के रास्ते हरियाणा की ओर निकलना आसान है। इसके अलावा जंगल क्षेत्र से कई रास्ते होने के कारण बदमाशों के लिए वारदात के बाद फरार होना आसान माना जाता है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस से मार्ग पर गश्त बढ़ाने और बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
आखिर कार सवारो ने क्यों दी जिलेदार को लिफ्ट,बना जांच का विषय
चौसाना। पीडित के अनुसार करनाल से कार सवारो ने जान पहचान बनाकर लिफ्ट दी थी। बदमाशों के द्वारा जंगल मे रोके जाने पर कार सवारो ने कार को रोक लिया ओर कार से केवल जिलेदार को बाहर निकालकर लूटपाट को अंजाम दिया गया। जिससे कार सवारो की भूमिका पुलिस के लिए जांच का विषय बन गया है।
पीडित ने डेढ लाख की लूटे जाने की सूचना दी है। जिसकी जांच जारी है। अभी तक मुकदमा दर्ज नही किया गया है।
राहुल कुमार,चौकी प्रभारी चौसाना।



