गाजियाबाद
तीन पंचायतों के बाद पूरी तरह गरमाई लोनी की राजनीति
विधायक के कथित गाली-गलौज वाले वीडियो से सर्व समाज में आक्रोश

रेड फ्लेम प्रकरण के बाद पंचायतों का सिलसिला लगातार जारी, तीसरी पंचायत में 12 गांवों के गणमान्य लोगों ने रखी अपनी बात
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी/गाजियाबाद : पांच सितंबर को लोनी नंबर-2 स्थित रेड फ्लेम होटल में हुई घटना के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब पंचायतों के दौर में पहुंच गया है। घटना के बाद विधायक नंदकिशोर गुर्जर से जुड़े कथित गाली-गलौज के वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में उनके इस कृत्य को लेकर लगातार पंचायतें आयोजित हो रही हैं। अब तक तीन पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, प्रधानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न गांवों के गणमान्य लोगों ने विधायक के कथित व्यवहार, सामाजिक सौहार्द और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी अपनी बात रखी है।
पहली पंचायत : ईश्वर मावी ने टीला शहबाजपुर में उठाई आवाज
रेड फ्लेम प्रकरण के बाद सबसे पहले भाजपा नेता ईश्वर मावी ने अपने गांव टीला शहबाजपुर में पंचायत बुलाई। पंचायत में विधायक के कथित व्यवहार पर आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधि का सार्वजनिक आचरण पद की गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। पंचायत में विधायक से अपने व्यवहार में बदलाव लाने और क्षेत्र में आपसी भाईचारा बनाए रखने की सलाह दी गई।
इस पंचायत के बाद यह मामला एक घटना तक सीमित न रहकर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया।
दूसरी पंचायत : अनिल कसाना के नेतृत्व में रिस्तल में सामाजिक सौहार्द संवाद
पहली पंचायत के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल कसाना के नेतृत्व में रिस्तल में सामाजिक सौहार्द संवाद सभा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न गांवों से लोग पहुंचे। पंचायत में भी विधायक के कथित गाली-गलौज वाले वीडियो और व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए गए।
वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन उनका स्तर इस कदर नहीं गिरना चाहिए जिसका असर सामाजिक भाईचारे पर पड़े । पंचायत में पूरे प्रकरण को सामाजिक सौहार्द के नजरिए से देखने,गलत कार्य की निंदा और क्षेत्र में आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया गया।
तीसरी पंचायत : डॉ. विनोद बंसल के आवास पर 12 गांवों की पंचायत
इसी क्रम में आज पूर्व चेयरमैन डॉ. विनोद बंसल के आवास पर तीसरी पंचायत आयोजित की गई। इसमें विधायक के गोत्र के साथ-साथ लोनी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल हुए। पंचायत में 12 गांवों के लोगों की मौजूदगी में विधायक के कथित व्यवहार और क्षेत्र के राजनीतिक माहौल पर विस्तार से चर्चा हुई।
पंचायत में शिवकुमार प्रधान ने कहा कि विधायक का पद जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी है और इस पद की गरिमा के अनुरूप ही सार्वजनिक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करने की बात कही।
जगत प्रधान घिटौरा ने दोनों पक्षों के बीच समन्वय कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई का नुकसान समाज और क्षेत्र को नहीं होना चाहिए। उन्होंने समाज को एकजुट करने और स्वच्छ राजनीति पर जोर दिया।
महेश प्रधान मेवला, सतबीर एयरमैन, संतराम प्रधान सिरोली, सत्ते प्रधान निठौरा, अनिल हठौत, उदयबीर प्रधान, सतीश शर्मा, कवर पहलवान गनोली और नरेंद्र नेता सिरोली सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
‘डर के साए में बोलोगा कौन’
पंचायत में वक्ताओं ने क्षेत्र में विकास के मुद्दे उठाने वाले लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही। वक्ताओं का कहना था कि जनहित और विकास की बात करने वालों को यदि विवादों या मुकदमों का सामना करना पड़ेगा तो इससे क्षेत्र में गलत संदेश जाएगा।
इसी दौरान एक वक्ता ने कहा, “इस डर के साए में बोलोगा कौन, मैं भी चुप रहूंगा तो फिर उठाएगा कौन।”
संतराम प्रधान सिरोली ने आरोप लगाया कि हाजी सलमान प्रकरण का सहारा लेकर सभी लोगों को बदनाम करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सामाजिक स्तर पर विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी भाईचारा बनाए रखने की जरूरत बताई।
‘राजनीतिक लड़ाई में समाज का नुकसान न हो’
पंचायत का संचालन बाला दत्त शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक व्यवस्था और आपसी भाईचारा किसी भी क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक व्यवस्था खराब होती है तो उसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ता है।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि लोनी क्षेत्र में लंबे समय से विभिन्न सामाजिक लोगों और परिवारों ने आपसी सौहार्द बनाए रखने का प्रयास किया है। ऐसे में राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत कटुता में बदलने से बचना चाहिए।
तीन पंचायतों ने बदल दिया विवाद का रुख
इस तरह पांच सितंबर की रेड फ्लेम घटना के बाद शुरू हुआ विवाद पहले टीला शहबाजपुर में ईश्वर मावी की पंचायत, फिर रिस्तल में अनिल कसाना के नेतृत्व वाली सामाजिक सौहार्द पंचायत और अब डॉ. विनोद बंसल के आवास पर हुई तीसरी पंचायत तक पहुंच चुका है।
तीनों पंचायतों में मुद्दे अलग-अलग अंदाज में उठे, लेकिन केंद्र में विधायक के कथित व्यवहार, राजनीतिक भाषा, सामाजिक सौहार्द और क्षेत्र के विकास का सवाल रहा। लगातार तीन पंचायतों के बाद लोनी की राजनीति में यह विवाद अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है
