कैराना
नोटिस के बाद कार्रवाई के नाम पर खामोशी?

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना में पिछले कुछ दिनों से सहायक नोडल अधिकारी की ओर से क्लीनिकों की जांच और नोटिस देने की कार्रवाई तेज नजर आई। 13 सितंबर को नगर के कई क्लीनिक संचालकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का नोटिस दिया गया था। इसके बाद भी कई अन्य क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस की समयसीमा बीतने के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि जिन संचालकों को पहले नोटिस दिए गए थे, उनके दस्तावेजों की जांच का क्या परिणाम निकला? जिनके अभिलेख अधूरे मिले या प्रस्तुत नहीं किए गए, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? यदि कार्रवाई नहीं हुई तो नोटिस जारी करने का उद्देश्य क्या था?


