कैराना
बिना पंजीकरण चलता मिला लाइफ सेवर क्लीनिक, नोटिस जारी
आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की टीम ने की छापेमारी, डॉक्टर भी नहीं मिला, शनिवार तक कागजात दिखाने के निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की टीम ने सीएचसी मार्ग स्थित लाइफ सेवर क्लीनिक पर छापेमारी की। जांच के दौरान क्लीनिक का न पंजीकरण मिला और न ही मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद मिला। टीम ने क्लीनिक को नोटिस जारी करते हुए संचालक को शनिवार तक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग के शामली—मुजफ्फरनगर के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज शर्मा और डॉ. अर्जुन लाइफ सेवर क्लीनिक पहुंचे। टीम ने क्लीनिक के अंदर गहनता से जांच की। नोडल अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान क्लीनिक का पंजीकरण संबंधी दस्तावेज नहीं मिला। क्लीनिक पर मौजूद युवक ने उन्हें बताया कि यहां डॉ. अर्पित बैठते हैं। हालांकि, जांच के समय डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं मिले। युवक ने टीम को बताया कि फाइल पंजीकरण के लिए गई हुई है। वहीं, क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. जुबैर मलिक का नाम लिखा मिला। नोडल अधिकारी ने बताया कि डॉ. जुबैर मलिक से संबंधित कागजात भी जांच के दौरान प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी किया गया है। शनिवार तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारी ने बताया कि बोर्ड पर डॉ. जुबैर मलिक का नाम दर्ज होने के संबंध में भी उनसे जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर में अन्य क्लीनिकों की भी जांच की जाएगी।
नोटिस पर नोटिस, मगर कार्रवाई में देरी क्यों?
इससे पूर्व 13 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने भी लाइफ सेवर क्लीनिक पर छापेमारी की थी। उस समय क्लीनिक संचालक को तीन दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की टीम ने जांच की। इसमें भी पंजीकरण संबंधी दस्तावेज और चिकित्सक की मौके पर मौजूदगी नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती नजर आई। अब आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की कार्रवाई पर नजर होगी।
मौत और एफआईआर के बाद बदला क्लीनिक का नाम
इसी स्थान पर पहले न्यू लाइफ चाइल्ड केयर के नाम से क्लीनिक संचालित होता था। सितंबर 2023 में उक्त क्लीनिक में एक नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर क्लीनिक को सील कर दिया था। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। वर्तमान में इसी स्थान पर दूसरे नाम से लाइफ सेवर क्लीनिक संचालित हो रहा है। आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग की ओर से जांच में अभी तक पंजीकरण न होने की बात सामने आई है।

