असम
ऑपरेशन थिएटर की लाइट न होने से दरंग जिले के मंगलदै अस्पताल में गॉलब्लैडर सर्जरी स्थगित
परिजनों ने किया मुख्यमंत्री से मदद की अपील।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
असम के दरंग जिले के पिपिराकुसी गाँव निवासी तथा तृणमूल कांग्रेस, असम प्रदेश समिति के पूर्व सचिव रेजेक अहमद ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और राज्य सरकार से मंगलदै असैनिक अस्पताल में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। रेजेक के अनुसार उनके भाई की पित्ताशय (गॉलब्लैडर) की सर्जरी 28 सितंबर सोमवार को मंगलदै असैनिक अस्पताल में नियत थी, लेकिन ऑपरेशन थिएटर (OT) में आवश्यक प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण सर्जरी स्थगित कर दी गई। पेशेंट के परिजनों ने बताया कि निर्धारित दिन अस्पताल के चिकित्सक ऑपरेशन थेयेटर में पर्याप्त OT लाइट न होने के कारण सर्जरी करने में असमर्थ रहे और मजबूरन उसे टालना पड़ा। रेजेक ने कहा कि इस वजह से उनके भाई की शारीरिक तथा मानसिक परेशानी बढ़ गई है और उनकी हालत बिगड़ने का डर है। परिजनों ने मेडिकल सुविधाओं में इस तरह की बुनियादी कमी को गंभीर बताया और मुख्यमंत्री से समस्या का त्वरित समाधान कर आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया है। बता दें कि ऑपरेशन थिएटर में उपयुक्त लाइटिंग, उच्च गुणवत्ता वाले सर्जिकल लैंप और आपातकालीन विद्युत बैकअप होना अनिवार्य है ताकि ऑर्थोपेडिक, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल तथा अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएँ सुरक्षित रूप से की जा सकें। अस्पताल कर्मचारियों और जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों से तात्कालिक पुष्टि अभी तक नहीं आया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में संज्ञान लेने की मांग की है और बताया कि छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में उपकरणों की कमी मरीजों की जान व स्वास्थ्य पर सीधे असर डालती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि OT लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनुपस्थिति किसी भी सर्जरी के जोखिम को बढ़ा देती है और ऐसी समस्या का त्वरित तकनीकी व प्रशासनिक समाधान जरूरी है। परिजनों ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से निवेदन किया है कि जिला स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए जाएँ ताकि मंगलदै असैनिक अस्पताल में न सिर्फ आवश्यक लाइटिंग बल्कि समुचित आपातकालीन उपकरण व बैकअप सुनिश्चित करवाए जाएँ और विलंबित सर्जरी जल्द करवाई जाए। उन्होंने साथ ही अस्पताल प्रबंधन से भी अनुरोध किया है कि भविष्य में ऐसी बाधाओं को दोबारा न आने दिया जाए।



