बरेली
भाग-दौड़ में न खो जाएं रिश्ते – ‘साइकिल ऑफ लाइफ’ ने दिया भावुक संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा के सभागार में रविवार शाम नाटक ‘साइकिल ऑफ लाइफ’ का मंचन हुआ। पैनोरामिक विजुअल्स दिल्ली की प्रस्तुति, जिसका निर्देशन और अनुवाद गिन्नी बब्बर ने किया है, में पिता-पुत्र के बदलते रिश्ते और पीढ़ियों के अंतर को बेहद सहजता से दिखाया गया।
नाटक की शुरुआत पिता-पुत्र की नोंकझोंक से होती है, जहां पिता का बार-बार टोकना और गलतियां निकालना दिखता है। कहानी फ्लैशबैक के जरिए आगे बढ़ती है, जब पिता के निधन के बाद बेटे के जीवन में बदलाव आता है और वह अनजाने में वही सब दोहराने लगता है जो उसके पिता करते थे। मां की संवेदनशील स्थिति को भी मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक ने संदेश दिया कि जीवन की भाग-दौड़ में हम अक्सर रिश्तों की अहमियत नहीं समझते, जिसका एहसास समय बीतने के बाद होता है।
मंच पर पिता की भूमिका ललित प्रकाश, बेटे की भूमिका अविनाश तोमर और मां की भूमिका ज्योति नागपाल ने निभाई। संगीत संयोजन गिन्नी बब्बर और प्रकाश संयोजन मनु झा का रहा।
इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आदित्य मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, देविशा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




