ललितपुर
ललितपुर के लाल सृजल राठौर ने बढ़ाया जिले का मान, देहरादून मैराथन में जीता स्वर्ण
पैरा टेबल टेनिस में राज्य स्तर पर टॉप-3 में बनाई जगह

नवंबर में वडोदरा में नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। हौसले और मेहनत के सामने शारीरिक चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं। इसे साबित कर रहे हैं मोहल्ला चौकाबाग निवासी युवा पैरा-एथलीट सृजल राठौर। 40 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता के बावजूद सृजल ने खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। पैरा टेबल टेनिस के साथ एथलेटिक्स में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने हाल ही में देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित मैराथन में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सृजल ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कई प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। उनका प्रदर्शन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सृजल राठौर ने देहरादून में आयोजित मैराथन दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ जिले के खेल प्रेमियों में भी खुशी का माहौल है। इससे पहले भी सृजल लंबी दूरी की दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित रन फॉर गोमती की 10.5 किलोमीटर दौड़ 42 मिनट 38 सेकंड में पूरी की थी। वहीं 10 किलोमीटर माउंटेन रन 56 मिनट 25 सेकंड में पूरा कर अपनी फिटनेस और क्षमता का परिचय दिया। एथलेटिक्स के साथ सृजल राठौर पैरा टेबल टेनिस में भी लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पैरा टेबल टेनिस स्टेट टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-3 में स्थान बनाया। अपने प्रदर्शन के दम पर सृजल ने नवंबर में वडोदरा में होने वाले नेशनल रैंकिंग पैरा टेबल टेनिस टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया है। अब उनकी नजर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर अपनी रैंकिंग मजबूत करने पर है। सृजल राठौर 40 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता के साथ जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। उनके बाएं हाथ में शारीरिक चुनौती है, लेकिन उन्होंने इसे अपने लक्ष्य के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया। लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के दम पर उन्होंने खेल के मैदान में अपनी पहचान कायम की है। सृजल ललितपुर नगर के निवासी हैं। उनके पिता संतोष राठौर किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। साधारण किसान परिवार से आने के कारण उनके सामने संसाधनों की सीमाएं भी रहीं, लेकिन परिवार ने उनके खेल और सपनों को आगे बढ़ाने में लगातार सहयोग किया। सृजल ने पढ़ाई के साथ खेल को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाया और लगातार अभ्यास करते हुए उपलब्धियों की ओर कदम बढ़ाए। सृजल की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, आईएएस एवं जिला प्रशासन के सहयोग की भी भूमिका रही। आर्थिक परिस्थितियों के चलते सृजल को उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरण एवं बेहतर अभ्यास सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा था। जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्हें पैरा टेबल टेनिस के आवश्यक प्रोफेशनल उपकरण एवं अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग मिला। प्रशासन से मिले इस सहयोग के बाद सृजल ने अपनी तैयारियों को और गति दी और पैरा टेबल टेनिस के साथ एथलेटिक्स में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। सृजल राठौर को उनके खेल के प्रति समर्पण एवं उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय खेल रत्न पुरस्कार-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्ण भारत परिवार ट्रस्ट द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सृजल का लक्ष्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना है। उनका सपना है कि भविष्य में वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पैरालंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतें और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराएं। सृजल की उपलब्धियां उन दिव्यांग खिलाडिय़ों और युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो शारीरिक या आर्थिक चुनौतियों के कारण अपने सपनों को सीमित समझने लगते हैं। देहरादून मैराथन का स्वर्ण पदक, पैरा टेबल टेनिस में राज्य स्तर पर टॉप-3 स्थान और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफिकेशन उनकी खेल यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। अब सृजल की नजर नवंबर में वडोदरा में होने वाली नेशनल रैंकिंग पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता पर है। वह बेहतर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग मजबूत करने के साथ भविष्य में देश की पैरालंपिक टीम तक पहुंचने और भारत के लिए पदक जीतने का सपना साकार करना चाहते हैं।



