ललितपुर
नवरात्रि में करें अष्टशक्तियों का आवाहन, आत्म-परिवर्तन का दिया संदेश
ब्रह्माकुमारी वरदानी भवन में चैतन्य देवी झांकी के दर्शन

आरती एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ आध्यात्मिक कार्यक्रम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के वरदानी भवन में श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने देवी मां की चैतन्य झांकी के दर्शन किए। विधि-विधान से आरती एवं पूजा-अर्चना के साथ मां की आराधना की गई। नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व और आत्म-परिवर्तन के संदेश पर प्रकाश डाला गया। राजयोगिनी बीके चित्ररेखा दीदीजी ने अष्टभुजाधारी देवी के आध्यात्मिक रहस्य को समझाते हुए कहा कि देवी के आठ हाथ आत्मा की आठ शक्तियों के प्रतीक हैं, जबकि उनके हाथों में धारण किए गए शस्त्र परमात्म ज्ञान का प्रतीक हैं। इन आध्यात्मिक शक्तियों के माध्यम से मनुष्य अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों पर विजय प्राप्त कर सकता है। बीके चित्ररेखा दीदीजी ने कहा कि श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्रि का आगमन आध्यात्मिक दृष्टि से स्वयं को बदलने और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने का संदेश देता है। इसके लिए सबसे पहले मन में संचित पुरानी बातों, कटु अनुभवों और शिकायतों को छोडऩा आवश्यक है। जब व्यक्ति अपने मन को नकारात्मक विचारों से मुक्त करता है, तभी उसके भीतर प्रेम, शांति, क्षमा और शुभभावना जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि केवल देवी की पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने और आत्मिक शक्ति को पहचानने का अवसर भी है। प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों के प्रति प्रेम, क्षमाभाव और शुभचिंतन रखते हुए अपने विचारों एवं व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। दीदीजी ने संदेश दिया कि देवी की शक्तियों को अपने जीवन में धारण करना ही नवरात्रि की वास्तविक साधना है। जब मनुष्य अपने अवगुणों पर विजय प्राप्त कर श्रेष्ठ गुणों को अपनाता है, तब उसका जीवन सुख, शांति और सद्भाव से परिपूर्ण बनता है। आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के अभ्यास से आत्मा को सशक्त बनाकर जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं को नवरात्रि के अवसर पर बाहरी पूजा के साथ-साथ आंतरिक शुद्धता, आत्मचिंतन और चरित्र निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा दी गई।



