सिंगरौली
मुस्लिम एकता सम्मेलन में पहुंचे विधायक आरिफ मसूद
सिंगरौली की समस्याएं विधानसभा में उठाने का दिया भरोसा

अटल सामुदायिक भवन विलौंजी में हुआ आयोजन, स्वर्गीय अयाज खान को किया याद; डीएमएफ की राशि, बेरोजगारी, विस्थापन और प्रदूषण के मुद्दों पर रखी बात
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सिंगरौली में आयोजित मुस्लिम एकता सम्मेलन में शामिल होने भोपाल मध्य के विधायक एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ मसूद पहुंचे। करीब पांच घंटे की देरी से बरगवां रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जामा मस्जिद के सदर शहनवाज खान और कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रास्ते में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। वहां से विधायक सीधे अटल सामुदायिक भवन, विलौंजी पहुंचे और सम्मेलन को संबोधित किया।
स्वर्गीय अयाज खान को किया याद
सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरिफ मसूद ने स्वर्गीय अयाज खान को याद किया। उन्होंने कहा कि अयाज खान ने उन्हें कई बार सिंगरौली आने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन व्यस्तता और समय के अभाव के कारण वह पहले नहीं आ सके। अयाज खान के बेटे शहनवाज खान के आग्रह पर वह इस बार सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे हैं। मसूद ने कहा कि सिंगरौली में उन्हें जो प्यार, सम्मान और अपनापन मिला है, उसे वह हमेशा याद रखेंगे।
डीएमएफ की राशि और स्थानीय समस्याओं पर उठाए सवाल
विधायक आरिफ मसूद ने अपने संबोधन में यूजीसी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार रखे और केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। सिंगरौली की स्थानीय समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) की राशि दूसरे जिलों में खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तथ्यों की पड़ताल और जिले के हितों को ध्यान में रखकर उचित कदम उठाने की जरूरत है।
मसूद ने कहा कि सिंगरौली के लोग सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, विस्थापन और प्रदूषण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। खनिज संपदा से जुड़े इस जिले के निवासियों को बुनियादी सुविधाओं और विकास का लाभ मिलना चाहिए।
विधानसभा में उठाए जाएंगे सिंगरौली के मुद्दे
आरिफ मसूद ने आश्वासन दिया कि सिंगरौली से जुड़े इन मुद्दों को विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि जिले की समस्याओं को उचित मंच पर रखा जा सके। उन्होंने भविष्य में भी सिंगरौली आने और लोगों से संवाद करने की इच्छा जताई।
मुस्लिम एकता सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक एकजुटता, आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया गया। आयोजन में स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।




