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अली खामनेई की मौत के बाद अलर्ट पर प्रदेश

लखनऊ के शिया समुदाय में बड़ी हलचल; सोशल मीडिया पर निगरानी

लखनऊ। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लखनऊ सहित कई जिलों में विशेष तौर पर निगाह में रखा गया है। अली खामेनेई के निधन के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हाईअलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की है। खामेनेई की मौत की खबर मिलने के बाद रविवार को पुराने लखनऊ में लाखों लोग सड़क पर उतर आए। इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी कर हमले की निंदा की। स्थिति को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया। खासकर शिया बाहुल्य वाले शहरों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुराने लखनऊ में भी भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। मालूम हो कि प्रदेश में शिया समुदाय सबसे अधिक लखनऊ, जौनपुर और अमरोहा में है। यहां शिया मुस्लिम सबसे अधिक हैं। अन्य जिलों में संख्या कम है। तमाम जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। किसी तरह की कोई कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति न हो इसलिए पुलिस प्रशासन अतिरिक्त सक्रिय हुआ है।
सोशल मीडिया की निगरानी-एडीजी एलओ अमिताभ यश ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट साझा करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना प्रसारित करने से बचें। खामेनई के निधन पर उबाल, सड़कों पर उतरा समुदाय- ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनई के निधन की खबर के बाद पुराने लखनऊ में शोक के साथ आक्रोश का माहौल दिखाई दिया। शिया समुदाय के लोगों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं और काले कपड़े पहन बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। रविवार सुबह से ही शिया समुदाय के लोग गम में डूबे रहे। पुराने लखनऊ के मोहल्ला काजमैन, नूरबाड़ी, दरगाह हजरत अब्बास, मुफ्तीगंज समेत विभिन्न मोहल्लों से लोग जुलूस की शक्ल में छोटे इमामबाड़ा के सामने एकत्र हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए बड़ा ईमामबाड़ा (भूल भुलैया) तक दोषी मुल्क और उनके नेताओं के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। जिसमें बुजुर्ग, युवा, बच्चे और महिलाओं ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान मौलाना यासूब अब्बास ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर दोषियों को सबक सिखाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तख्तियां और बैनर लेकर विरोध दर्ज कराया तथा अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे इलाके में दिनभर नारे गूंजते रहे और प्रदर्शनकारी न्याय की मांग बुलंद करते रहे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

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