बरेली
रेल बजट पर सांसद नीरज मौर्य ने ट्रेनों की बदहाली और क्षेत्रीय मुद्दों को लोकसभा में उठाया

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली : लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा के दौरान ट्रेनों की बदहाल स्थिति और आम यात्रियों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए सांसद नीरज मौर्य नें सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सांसद के वक्तव्य से यह स्पष्ट हुआ कि कई सुपरफास्ट ट्रेनों की हालत इतनी खराब है कि उनमें सफाई और रखरखाव की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। श्रमजीवी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में कॉकरोच और चूहों की समस्या तक सामने आ रही है।
सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि सरकार नई ट्रेनों और परियोजनाओं की घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन पहले से चल रही ट्रेनों की स्थिति सुधारने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पुरानी ट्रेनों के डिब्बों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। गर्मियों के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ का मुद्दा भी उठाया तथा मांग की कि प्रमुख मार्गों पर चलने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त बोगियां बढ़ाई जाएं। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल में झटकों की समस्या का भी जिक्र किया।
सांसद नें लखनऊ से दिल्ली के बीच वाया शाहजहांपुर, बरेली और आंवला होते हुए वंदे भारत ट्रेन चलाई जाने की मांग की उन्होंने यह भी कहा कि बदायूं आज भी सीधे दिल्ली से रेल मार्ग से नहीं जुड़ा है, जो क्षेत्र के विकास में बड़ी बाधा है। आंवला क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंगों पर लगने वाले जाम का मुद्दा उठाते हुए भमोरा-आंवला मार्ग तथा अखा-गैनी मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर निर्माण की मांग की। इसके अलावा उन्होंने बंद पड़े रेवती बहोड़ा रेलवे स्टेशन को पुनः शुरू करने और उसका नाम स्थानीय जैन तीर्थ से जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा।
लोकसभा में अपने वक्तव्य के दौरान सांसद नीरज मौर्य ने कन्नौज में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन के ढह जाने की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि यह निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐतिहासिक नगर कन्नौज को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन दिया जाए ताकि उसका गौरव पुनः स्थापित हो सके।



