बाराबंकी

लाठीचार्ज की अफवाहों के बीच उमड़ा जनसैलाब

देवा रावत समेत कई नेता हाउस अरेस्ट; जनप्रतिनिधियों पर ‘जनहित से गद्दारी’ का आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

बंकी में बिगुल-ए-बगावत: निहाल सिद्दीकी का अल्टीमेटम—अबकी बार समाधान या आमरण अनशन!
सैकड़ों की भीड़ के बीच पुलिस की कड़ी घेराबंदी, एसडीएम सदर व स्टेशन अधीक्षक को सौंपा गया ज्ञापन; कदम बढ़ते ही आंदोलनकारियों को रोका गया
बाराबंकी। कस्बा बंकी में रेलवे क्रॉसिंग 177/बी और पैदल पुल की समस्या अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन-दशहरी के प्रदेश सचिव व जिलाध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में जब संयुक्त मोर्चा और सैकड़ों की भीड़ अपने निवास स्थान से प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ी, तो प्रशासन ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया, जिससे मौके पर टकराव जैसे हालात बन गए।जैसे ही आंदोलन ने रफ्तार पकड़ी, पूरे प्रशासनिक तंत्र में उथल-पुथल मच गई। सैकड़ों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। इस दौरान नगर कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह, सीओ सिटी, आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही और हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखी।
हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि लाठीचार्ज की अफवाहें तक फैल गईं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई, लेकिन इसके बावजूद भीड़ डटी रही। कस्बा बंकी के तीन सभासदों की मौजूदगी ने भी आंदोलन को और मजबूती दी।इस बीच, बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवा रावत समेत कुछ अन्य नेताओं को प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश और भड़क गया।हालांकि, मौके पर मौजूद एसडीएम सदर और स्टेशन अधीक्षक को आंदोलनकारियों ने ज्ञापन सौंप दिया, जिसमें रेलवे क्रॉसिंग 177/बी पर ओवरब्रिज निर्माण और करीब 2 वर्ष पूर्व तोड़े गए पैदल पुल के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग दोहराई गई।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे निहाल अहमद सिद्दीकी ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा—“जनता रोज अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार कर रही है, लेकिन प्रशासन समस्या सुलझाने के बजाय हमें रोकने में लगा है। अब यह आंदोलन नहीं रुकेगा।”उन्होंने साफ चेतावनी दी—
“यदि जल्द निस्तारण नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा और जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन तक किया जाएगा।इस मुद्दे पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन-दशहरी के बैनर तले कई बड़े किसान संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दी —
भाकियू हरपाल गुट से विक्रांत सैनी ने कहा कि “दशहरी संगठन के साथ हम पूरी ताकत से खड़े हैं, अब विकास रोका नहीं जा सकता।वही आजाद किसान यूनियन से सुनील कुमार यादव ने कहा ज्ञापन के बाद भी कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन तय है।” भाकियू सरदार भगत सिंह लाल जी यादव “जनता के सब्र का बांध टूट रहा है, जिम्मेदारों को जवाब देना होगा। किसान नेता  के०के० गुड्डू यादव ने कहा “दशहरी संगठन की यह लड़ाई अब पूरे जिले की लड़ाई बन चुकी है।किसान महासभा  से मो० तुफेल ने बताया “दर्जनों गांवों की आवाज को नजरअंदाज करना अब भारी पड़ेगा।बहुजन आर्मी से देवा रावत ने कहा
“यह सिर्फ पुल नहीं, जनता के सम्मान की लड़ाई है — और यह लड़ाई अब रुकेगी नहीं।जब भारतीय किसान मजदूर यूनियन-दशहरी बार-बार ज्ञापन देकर चेतावनी दे रही है, तो आखिर प्रशासन कब जागेगा? भारतीय संयुक्त मोर्चा फतेह बहादुर यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा अगर अब भी काम शुरू नहीं हुआ, तो बंकी से उठी यह चिंगारी बड़ा जनआंदोलन बन सकती है!सिद्दीकी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा—“कुछ जनप्रतिनिधि जनता के मुद्दों पर भी राजनीति कर रहे हैं। ऐसे लोगों का इस बार जनता बहिष्कार करेगी।”
मुख्य रूप से मौजूद रहे सुशील सुरेश चंद्र वर्मा एडवोकेट, राहुल मिश्रा एडवोकेट, निधीश प्रताप सिंह, सैयद उमर दानिश, कलीम, सहाय, अबरार मन्नू, अब्दुल रशीद, कबीर, सुशील कुमार, हारून, जुनैद, अनिल, सर्वेश, शिवम, तरुण, अखिलेश आदि तमाम लोग मौजूद रहे
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