गोड्डा
महागामा में कुदरत का कहर
आधी रात आंधी-ओलावृष्टि से तबाही, छतें उड़ीं, फसलें बर्बाद, 12 घंटे बिजली ठप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिशनपुर में परिवार ने शौचालय में काटी रात
कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
महागामा : शुक्रवार की देर रात आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने महागामा प्रखंड में भारी तबाही मचाई। अचानक बदले मौसम ने जाटामा, हनवारा, कोयला, परसा, नारायणपुर, बिशनपुर, खेरैया और शहजादपुर समेत कई गांवों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं और ओलों ने कुछ ही घंटों में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
बिशनपुर में दर्दनाक हालात: शौचालय बना सहारा
तबाही का सबसे मार्मिक दृश्य बिशनपुर गांव में देखने को मिला, जहां एक गरीब परिवार का अर्धनिर्मित घर तेज आंधी में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। छप्पर उड़ जाने के बाद परिवार के पास कोई सुरक्षित जगह नहीं बची। मजबूरी में परिवार ने अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पूरी रात घर के एक छोटे से शौचालय में शरण लेकर बिताई।
किसानों की उम्मीदों पर ओलों की मार:
हनवारा, बिशनपुर, खेरैया और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में लहलहाती मकई और अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। किसानों का कहना है कि अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है, जिससे पूरे इलाके में चिंता और मायूसी का माहौल है।
12 घंटे अंधेरे में डूबा इलाका-
तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली तारों पर गिर गए। कोयला गांव में ट्रांसफार्मर सहित बिजली का खंभा गिर गया। पूरे प्रखंड में करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग की टीम सुबह से मरम्मत कार्य में जुटी रही, लेकिन नुकसान अधिक होने के कारण बहाली में काफी समय लगा।
गरीबों पर दोहरी मार
बिशनपुर, गढ़ी और खेरैया जैसे गांवों में दर्जनों कच्चे मकानों के छप्पर और एस्बेस्टस उड़ गए। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने महागामा प्रखंड में भारी तबाही मचाकर आम जनजीवन को झकझोर दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन की राहत और मुआवजा व्यवस्था पर टिकी हुई है।




