
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना । क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। आरटीओ के एक सप्ताह तक चले चेकिंग अभियान में दो स्कूल वैन को मानक पूरे न करने पर सीज कर दिया गया। कार्रवाई के बाद अन्य स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
चौसाना क्षेत्र में स्कूली वाहनों की स्थिति लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। पांथूपुरा स्थित गोल्ड की स्कूल और मंगलोरा स्थित गुरु वरिष्ठ स्कूल की वैन पर आरटीओ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया। बताया गया कि इन वैन के कागजात या तो समाप्त हो चुके थे या फिर वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्कूल वैन में क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा था। एक-एक वैन में करीब 50 बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था, जिससे बच्चों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था। हैरानी की बात यह है कि अभिभावकों से वाहन सुविधा के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है, लेकिन बदले में बच्चों को सुरक्षित सफर नहीं मिल पा रहा।
क्षेत्र के कई गांवों में अब भी ऐसी गाड़ियां संचालित हो रही हैं, जो या तो एक्सपायर हो चुकी हैं या फिर पूरी तरह जर्जर हालत में हैं। बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी पर उतारू है और बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहा है। कार्रवाई के बाद अभिभावकों ने भी सख्त कदम उठाने की मांग की है।
आरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के कई स्कूलों की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते अभियान चलाया गया, जिसमें दो वैन को सीज किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी लगातार चेकिंग अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


