शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा हेतु जलयात्रा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। कसमार प्रखंड के सुरजुडीह में नव निर्मित शिव मंदिर एवं शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर गुरुवार को कलश यात्रा निकली। सुबह सैकड़ों किशोरियों व महिलाओं समेत अन्य श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सुरजुडीह से करमाली टोला, पुरना बांध, खांजो नदी होते हुए कुलागुजु शिवालय की परिक्रमा करते हुए खांजो नदी में कलश में जल भरकर वापस शिव मंदिर पहुंचे। इस दौरान गाजे बाजे, धार्मिक पताके व शोभायात्रा में जयकारे लगाते हुए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश में जल भरा गया और वापस मंदिर पर लाकर स्थापित किया गया। इस अवसर पर मंदिर निर्माता अमिय कांत मुखर्जी, कुलगुरु प्रसाद मुखर्जी, कुलपुरोहित अशोक कुमार मिश्र, आचार्य भवानी प्रसाद मुखर्जी, पुजारी व यजमान देब दुलाल बनर्जी व पुतुल बनर्जी मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के तहत दोपहर में शिव लिंग व नंदी की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लगभग चार घंटे तक पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। इस दौरान कसमार, जरीडीह, पेटरवार प्रखंड समेत आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में पहुंचे। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। पूजा अर्चना के बाद विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी व खीर ग्रहण किया। मालूम हो कि उक्त भव्य व विशाल शिव मंदिर का निर्माण चंद्रपुरा सीटीपीएस से सेवानिवृत्त डीवीसी अधिकारी अमिय कांत मुखर्जी ने अपने निजी खर्च से कराया है। इतना विशाल व भव्य शिव मंदिर बोकारो जिले व आसपास में नहीं है। उक्त शिव मंदिर के निर्माता अमिय कांत मुखर्जी के पिता स्व सत्यरंजन मुखर्जी ने भी लगभग ढाई दशक पूर्व सुरजुडीह में ही भव्य हरि मंदिर का निर्माण कर चुके हैं। मौके पर कोलकाता में पदस्थापित प्रोविडेंट फंड विभाग के क्षेत्रीय आयुक्त तुषार कांत मुखर्जी,
दार्जिलिंग के कर्सियांग में पदस्थापित चिकित्सा प्रभारी डॉ पीयूष कांत मुखर्जी, मंजू देवी, बोनानी मुखर्जी, कौशिकी मुखर्जी, खगेंद्र नाथ मुखर्जी, माणिक चंद्र मुखर्जी, एमएस मुखर्जी, पीएस मुखर्जी, उत्तम मुखर्जी, अनाथ बंधु मुखर्जी, काजल मुखर्जी, भोलानाथ मुखर्जी, धर्मेन्दु शेखर मुखर्जी, श्यामल मुखर्जी, धनंजय मुखर्जी, राहुल मुखर्जी, शेखर सुमन व अन्य सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।




